जिला मुख्यालय के लिए 30.88 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित क्वैराला लिफ्ट पेयजल योजना के लंबा खिंचने के आसार हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अब तक शासन की ओर से महज तीन करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। एक साल पहले शुरू हुई पेयजल योजना का निर्माण अप्रैल 2018 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन शासन की ओर से अब तक बजट अवमुक्त नहीं करने के कारण पेयजल योजना का निर्माण अधर में लटकने का अंदेशा पैदा हो गया है। यानि जिला मुख्यालय वालों को पेयजल के लिए और अधिक समय तक इंतजार करना होगा।
पेयजल योजना के तहत अब तक खर्ककार्की और बारखाम हिंगलादेवी में दो बड़े संग्रह टैंक बनाने के साथ ही करीब चार किमी लंबाई में पेयजल लाइन बिछा दी गई है। बता दें कि चंपावत जिला मुख्यालय में दिनोंदिन बढ़ रही आबादी के कारण पीने के पानी के संकट को देखते हुए वर्ष 2016 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में क्वैराला लिफ्ट पेयजल योजना को मंजूरी मिली थी। शासन की ओर से पहले टोकन मनी के रूप में एक करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई। इसके बाद दूसरी किश्त के रूप में दो करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए। निर्माणदायी संस्था जल निगम की ओर से 30.88 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पेयजल योजना में 17.90 करोड़ रुपये के सिविल कार्य कराए जाने हैं।
पेयजल योजना के मूल स्रोत से हिंगलादेवी तक करीब 14 किमी लाइन में करीब चार किमी क्षेत्रफल में पाइप बिछा दिए गए हैं। जल निगम के सहायक अभियंता आरके गुप्ता के अनुसार शासन से लगातार बजट अवमुक्त करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। विभाग की ओर से अब तक अवमुक्त तीन करोड़ रुपये के सापेक्ष करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के कार्य करा लिए हैं। उनका कहना है कि जल्द ही बजट अवमुक्त नहीं हुआ तो योजना की लागत बढ़ जाएगी।
चार अलग-अलग स्थानों पर पंप हाउस बनेंगे
चंपावत। क्वैराला लिफ्ट पेयजल योजना के तहत क्वैराला नदी से हिंगलादेवी तक चार अलग-अलग स्थानों पर पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। जल निगम के सहायक अभियंता आरके गुप्ता ने बताया कि निर्माणाधीन पेयजल योजना में मुंडेला, तोला, सालकीधार और किसकोट में पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सर्किट हाउस, भैरवां, खर्ककार्की और ब्लॉक कार्यालय के पास स्टॉक टैंकों का निर्माण किया जा रहा है।