चंपावत। माता-पिता से दूर तीन नाबालिग भाई-बहन रविवार को रुद्रपुर से अपने घर लोहाघाट पहुंच गए। अमर उजाला ने 28 मार्च को इन भाई-बहनों के परिवार से दूर होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिले का प्रशासनिक अमला हरकत में आया। इन बच्चों को उनके घर लाने के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। घर पहुंचने के बाद तीनों भाई-बहनों और उनके परिजनों ने अमर उजाला को थैंक्यू कहा।
रुद्रपुर में सिडकुल में ड्राइविंग करने वाले लोहाघाट के सुई गांव के किशोर ओली के तीनों बच्चे 20 मार्च से रुद्रपुर घर में अकेले रह रहे थे। परिवार में बुजुर्ग की मौत होने पर किशोर ओली अपनी पत्नी के साथ 20 मार्च को गांव आ गए थे। बेटी की हाईस्कूल की परीक्षा थी, इसके चलते तीनों नाबालिग भाई-बहन अंकित, सपना व पूजा को रुद्रपुर में ही रुकना पड़ा। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू व उसके बाद से लगातार लॉकडाउन से तीनों भाई-बहन रुद्रपुर में कमरों में कैद थे। अमर उजाला में खबर छपने के बाद यूएस नगर के जिला प्रशासन ने चंपावत प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद एडीएम टीएस मर्तोलिया ने तीनों भाई-बहन को रुद्रपुर से चंपावत लाने के लिए पास दिया। रविवार शाम को ये बच्चे घर पहुंचे। तीनों बच्चों के घर पहुंचने पर माता-पिता और परिजन गदगद हैं।