जिले के दूरस्थ क्षेत्र भंडार बोरा और रौकुंवर में सड़क नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि स्वीकृत होने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा है।
रौ भनार की संरपच गंगा देवी ने कहा कि भंडारबोरा, रौकुंवर, बिलहेड़ी, बुंगाचैकुनी, सेरी, बरनौली, सरच्यूड़ा और पाली कंजागल गांव में सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क न होने से बीमार लोगों को डोली 10 किमी खड़ी चढ़ाई से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। इस मौके पर लक्ष्मण सिंह, उमेद सिंह, दरबान सिंह, हुकुम सिंह, पूरन सिंह, दीवान सिंह, सुरेश सिंह, शिवराज सिंह, देवकी देवी, महेश सिंह, डिगरी देवी, निर्मला देवी, कलावती देवी, टीकाराम, प्रकाश सिंह, पूरन सिंह, मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।
सिंगदा के ग्रामीणों ने लगाया पहले रोड, फिर वोट का नारा
लोहाघाट (चंपावत)। सड़क सुविधा से वंचित बाराकोट विकासखंड के सिंगदा गांव के लोगों ने पहले रोड, फिर वोट का एलान करते हुए लोकसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। इसे लेकर बुधवार को रिटायर्ड फौजी पुष्कर सामंत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
एसडीएम कार्यालय के माध्यम से डीएम को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों का कहना है कि राज्य गठन के बाद कई सरकारें आई, लेकिन ग्रामीणों की सड़क की मांग को किसी ने नहीं सुना। राष्ट्रीय राजमार्ग से चार किमी दूर सिंगदा गांव में सड़क नहीं होने से सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग, बीमारों को लाने ले जाने में होती है। डोली के आसरे सड़क तक लाने में करीब दो घंटे लग जाते हैं। ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र सिंह, भगवान सिंह, लक्ष्मण सिंह, हर सिंह, मदन सिंह, मोहन सिंह, चंचल सिंह, अर्जुन सिंह, नवीन सिंह, होशियार सिंह, पुष्कर सामंत, भूपाल सिंह, भवान सिंह, मदन सिंह, भुवन सामंत, देवराज सिंह, कल्याण सिंह, पदम सिंह, शंकर सिंह, रीता देवी, जानकी देवी, बबीता सामंत, दीपा सामंत, आशा देवी, मोनिका सामंत, राखी सामंत, गीता देवी, राधिका देवी आदि शामिल थे।