रोडवेज के कंडक्टर को सरकार की योजना को धता बताकर वृद्धा यात्री से टिकट की राशि वसूल करना काफी मंहगा पड़ा। रोडवेज के एजीएम पिथौरागढ़ एके सैनी ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच कर कंडक्टर को दोषी पाया तथा विभाग की ओर से उक्त महिला से लिए टिकट की धनराशि को वापस करने का निर्देश दिया है। साथ ही कंडक्टर को दंड स्वरूप कोई मार्ग न देने का निर्णय लिया है।
मालूम हो कि बलांई गांव की वृद्धा कलावती देवी पुत्री उमेद सिंह पांच सितंबर को रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो की बस (यूके 07-1117) से टनकपुर बस्टिया से लोहाघाट आ रही थी। उन्होंने बस परिचालक को अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाया, जिसमें उनकी उम्र 65 वर्ष नौ माह थी, लेकिन परिचालक ने उनसे दुर्व्यवहार कर टिकट की राशि वसूल ली थी। महिला ने इस घटना की रिपोर्ट लोहाघाट रोडवेज स्टेशन में की थी। कलावती देवी का कहना है कि इस प्रकार की वारदातें अन्य वृद्ध नागरिकों से न हों, इसके लिए उन्होंने परिचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।