कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल आफीसर्स एसोसिएशन ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिनी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। बुधवार को कार्य बहिष्कार के चलते चंपावत, पूर्णागिरि, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट तहसीलों में कामकाज प्रभावित रहा।
कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संवर्ग का पुनर्गठन किए जाने, नायब तहसीलदार के दस फीसदी पदों में पदोन्नति देने, 2400 ग्रेड पे के स्थान पर ग्रेड पे 2800 रुपए किए जाने, शैक्षिक योग्यता स्नातक किए जाने आदि की मांगों को प्रमुखता से उठाया। कलक्ट्रेट में जिलाध्यक्ष साजिद अली सिद्दीकी की अध्यक्षता और गुसांई सिंह किरौला के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने कर्मियों की अनदेखी का आरोप लगाया। कार्य बहिष्कार करने वालों में भगवत पांडेय, नवीन देउपा, ईश्वरी राम, हिमांशु वर्मा, नवीन राम आदि शामिल रहे।
लोहाघाट कचहरी में हड़ताली कर्मचारियों की पूरन चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में बची सिंह जीना, ललित मोहन खोलिया, दीपा जेाशी, अशोक पुनेठा, तुलसी बिष्ट आदि का कहना था कि संगठन की लंबे समय से चली आ रही मांगों की अनदेखी किए जाने से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। हड़ताल के कारण लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
टनकपुर में उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलित मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का कहना है कि संगठन की चार सूत्री मांगों पर पूर्व में आश्वासन के बाद भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। कार्य बहिष्कार करने वालों में जीवन सिंह मनवाल, राहुल उपाध्याय, कमल पंत, सुनीश बिष्ट, संजय सिंह, गोदावरी शर्मा शामिल थे। कार्य बहिष्कार से बुधवार को तहसील में कामकाज प्रभावित रहा।