टनकपुर (चंपावत)। 15 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही रोडवेज इंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल का चौथे दिन भी निगम प्रबंधन कोई हल नहीं निकाल पाया है। बृहस्पतिवार को कर्मचारी नेताओं की मंडलीय प्रबंधक अनूप रावत से चली वार्ता भी बेनतीजा रही। इधर, हड़ताल के चलते रोडवेज की बस सेवा बुरी तरह लड़खड़ा चुकी है। रोडवेज को रोजाना लाखों रुपये की आय का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं यात्री भी गंतव्य को जाने के साधन के लिए खासे परेशान हो रहे हैं।
संगठन के निलंबित क्षेत्रीय संरक्षक को बहाल किए जाने समेत इंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मचारी सोमवार से काम बंद हड़ताल पर हैं। कार्यालय कर्मचारियों के अलावा संगठन से जुड़े चालक-परिचालकों के भी हड़ताल पर जाने से रोडवेज की बसों का संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हैं। टनकपुर डिपो से मैदान और पहाड़ को हर दिन 52 बसों का नियमित संचालन होता है, लेकिन हड़ताल के कारण पिछले चार दिनों से 35 से 40 प्रतिशत बसें कार्यशाला में खड़ी है।
यूनियन का कहना है कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों के हित की मांगों को पूरा करने के बजाय उनके संगठन से जुड़े कर्मचारी और कर्मचारी नेताओं के उत्पीड़न कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडलीय प्रबंधक ने यूनियन के नेताओं से वार्ता कर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं पाया।
वार्ता में यूनियन के क्षेत्रीय संरक्षक वीरेंद्र पुरी, कमलेश द्विवेदी, संतोष गुप्ता आदि शामिल थे। इधर कम बसों के चलने से सामान्य यात्रियों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों से मां पूर्णागिरि दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रोडवेज की बसों के अलावा कोई साधन न होने के कारण विशेषकर पीलीभीत आगे जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।