चंपावत। चंपावत में करीब एक किमी की जिम कॉर्बेट ट्रेल को पर्यटन की दृष्टि से संवारा जा चुका है। मशहूर शिकारी जिम कॉर्बेट के बंगले को भी लाखों की लागत से सजाया और संवारा जा रहा है। जिम कॉर्बेट ट्रेल में आकर पर्यटक महान शिकारी जिम कॉर्बेट और नरभक्षी बाघिन की कहानी को पढ़कर सिहर उठेंगे।
फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मशहूर शिकारी कॉर्बेट के ऐतिहासिक बंगले को पर्यटक निहार सकेंगे।
इस बंगले में शिकारी जिम कॉर्बेट नरभक्षी यहां रात्रि विश्राम किया था। प्रशासन करीब 20 लाख रुपये की लागत से यहां पर्यटकों के लिए म्यूजियम, रिसेप्शन, टिकट काउंटर, सॉवेनियर शॉप और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित करने जा रहा है। इसके अलावा करीब 19.7 लाख रुपये की लागत से बंगले को गौड़ी-बाघबरुड़ी ट्रेल से जोड़ा जा रहा है।
वन विभाग के एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि यह ट्रेल उस स्थान तक जाती है, जहां जिम कॉर्बेट ने आदमखोर बाघिन का शिकार किया था। आदमखोर बाघिन ने सन 1907 तक 434 लोगों का शिकार किया था, इसमें 200 लोगों का नेपाल और कुमाऊं में 234 का शिकार किया था।
जिम कॉर्बेट ट्रेल में मशहूर शिकारी जिम, काकड़, भालू, तेंदुए, बाघ और हिरण की आकृति बनाई गई। सूचना पट्टों के माध्यम से नरभक्षी बाघिन के शिकार की कहानी को फिर से जीवंत बनाया गया है इसे पढ़कर लोगों में रोमांच और डर भी पैदा हो रहा है।
वहीं डीएम मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिम कॉर्बेट ट्रेल को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ट्रेल को और भी सुंदर बनाया जाएगा हालांकि जिम कॉर्बेट ट्रेल को देखने के लिए दिन भर स्थानीय और बाहरी पर्यटक पहुंचने शुरू हो गए हैं।