बनबसा (चंपावत)। चार दिन पूर्व बनबसा हुड्डी नदी के पास जंगल में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद वन विभाग सतर्क है। जंगली जानवर की हलचल और प्रजाति जानने के लिए घटनास्थल पर तीन कैमरे लगाए गए हैं। बीते दिवस मुख्य वन संरक्षक और डीएफओ ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया।
तेंदुए के हमले से मुन्नी देवी की मौत के बाद वन विभाग काफी गंभीर है। बीते दिवस मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं पीके पात्रो और डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए। वन विभाग को गश्त बढ़ाने और मुनादी कर लोगों को जंगल नहीं जाने को सतर्क करने को कहा।
वन दरोगा विनोद कुमार के मुताबिक अभी पता नहीं चल पाया है कि महिला को मौत के घाट उतारने वाला जंगली जानवर की प्रजाति (तेंदुआ, बाघ या अन्य) का अभी पता नहीं चल पाया है। वन विभाग का दल घटना स्थल पर नियमित गश्त कर रहा है। जंगल जाने वालों को भी सतर्क किया जा रहा है। घटना के बाद भयभीत ग्रामीण जंगल जाने से डर रहे हैं।
चंदनी भुलवागोठ में दिखाई दिया तेंदुआ
बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। चंदनी भुलवागोठ निवासी दुर्गा दत्त पंत ने बताया कि तेंदुआ कभी-कभी गांव के करीब तक पहुंच रहा है। शनिवार को उनके घर के करीब तक तेंदुआ पहुंचा था लेकिन कुछ समय बाद जंगल की ओर चला गया। वन विभाग के वन दरोगा विनोद कुमार ने ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने लोगों से सुरक्षा के तहत अपने बच्चों काे जंगल किनारे खेलने जाने से भी मना किया है। संवाद