पूर्णागिरि धाम में रोक लगने से दर्शन किए बगैर वापस लौटने को रेलवे स्टेशन में लगी श्रद्घालुओं की भ
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टनकपुर (चंपावत)। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के मद्देनजर पूर्णागिरि मेला स्थगित किए जाने के बाद मंगलवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं को टनकपुर से वापस लौटना पड़ा। सोमवार रात तक मां के धाम में पहुंचे श्रद्धालु तो देवी मां के दर्शन कर लौटी। मंगलवार की दोपहर से प्रशासन ने श्रद्धालुओं के पूर्णागिरि धाम जाने पर रोक लगा दी है। भारत-नेपाल के बीच आवाजाही करने वालों को भी एक-एक कर गहन स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद ही आवाजाही की अनुमति के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की संस्तुति पर राज्य सरकार ने सोमवार की रात से पूर्णागिरि मेला अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया है। सरकार के आदेश के बाद प्रशासन ने मेले को रोकने की कवायद तेज की है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जिलाधिकारियों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल के प्रशासन को भी मेला स्थगित किए जाने की सूचना देकर श्रद्धालुओं को पूर्णागिरि आने से रोकने का आग्रह किया गया है। मेला स्थगित किए जाने से पूर्णागिरि धाम में सन्नाटा पसरने लगा है।
नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार में सुनसानी छा गई है। हालांकि मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूर्णागिरि के लिए पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने जिले की सीमा बनबसा, ककरालीगेट और नेपाल जा रहे श्रद्धालुओं को टनकपुर व बनबसा बैराज से वापस लौटा दिया।
-कारोबार पर भारी असर, व्यापारी निराश
पूर्णागिरि मेला स्थगित होने से कारोबार पर भारी असर पड़ा है। व्यापारियों के चेहरे मुरझा गए हैं। वहीं टैक्सी मालिकों में भी निराशा छा गई है। मां पूर्णागिरि टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विनोद बिष्ट ने कहा है कि टैक्सी मालिकों और चालकों को साल भर से मेला का इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना वायरस की आपदा ने उनकी रोजी-रोटी पर ब्रेक लगा दिया है। उन्होंने प्रशासन से हालात नियंत्रण में होने पर नवरात्रों में मेला शुरू कराने का आग्रह किया है।