चंपावत। पंचायतों में सशक्त होने के बाद अब आधी आबादी को आर्थिक रूप से भी अपने पांवों पर खड़ा करने की कवायद शुरू की जा रही है। इस क्रम में चंपावत में कलक्ट्रेट के पास विपणन केंद्र बनाया गया है। एक माह के भीतर इस केंद्र को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को आवंटित किया जाएगा।
जिले में महिला आर्थिक सशक्तीकरण की नई पहल शुरू की जा रही है। इसके लिए यहां स्थित विपणन केंद्र एसएचजी को दिया जाएगा। कुछ समय पूर्व तक इस स्थान पर समूह के बजाय कुछ लोग कारोबार संचालित करते थे। ग्राम्य विकास विभाग ने दुकानों को खाली कराया। वहां 17.34 लाख रुपये से परिसर का जीर्णोद्धार कर सौंदर्यीकरण के लिए पास में ही पार्कनुमा विश्राम स्थल बनाया है। जिले में एक हजार से अधिक एसएचजी हैं, जो हथकरघा, लघु उद्यमिता, कृषि सहित कई क्षेत्रों में काम कर रही हैं, लेकिन बाजार की कमी उनके आड़े आ रही थी।
कोट
महिलाओं को सशक्त करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को कारोबारी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। उनके उत्पादों के विपणन के लिए इस परिसर में जगह दी जाएगी। ताकि समूह की महिलाएं खाद्य, दलहन, फल-सब्जी, जड़ीबूटी, हथकरघा, घी सहित माम स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी। आवंटन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- विम्मी जोशी, सहायक परियोजना निदेशक।
लोहाघाट में जल्द खुलेगी बैंक की पहली महिला शाखा
चंपावत। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लोहाघाट में मंजूर पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की महिला शाखा का काम अंतिम चरण में है। कोरोना की वजह से निर्माण काम में देरी हुई। अलबत्ता अब डेढ़ माह के भीतर इसे पूरा कर शुरू कराने की बात कही जा रही है। जिले की इस पहली महिला शाखा की खास खूबी यह होगी कि इसमें प्रबंधक सहित सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। डीसीबी की लोहाघाट शाखा के प्रबंधक आनंद प्रकाश का कहना है कि महिला शाखा भवन के काम को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ब्यूरो