पाटी(चंपावत)। तहसील पाटी को जोड़ने वाली मूलाकोट-कजीना-पुनौली सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। वर्ष 1993 में जेआरवाई से सड़क का निर्माण हुआ। यह सड़क लोनिवि को हैंडओवर कर दी गई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि 30 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी सड़क की सुध नहीं लगी गई।
लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार विभाग, डीएम से लेकर सीएम कार्यालय तक सड़क के डामरीकरण की गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लगातार हो रही बारिश से सड़क पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आने से वाहन चालकों और लोरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। स्थानीय ललित पाटनी, प्रवीन सिंह, राकेश पाटनी, हरि सिंह, बची सिंह आदि ने सड़क के डामरीकरण की मांग की हैं।
पांच हजार आबादी सड़क पर निर्भर
इस सड़क पर पटनगांव, खौली, काजीना, पुनौली, गोगना आदि गांवों की करीब पांच हजार से अधिक आबादी निर्भर है। सड़क खराब होने से लोगों को 40 से 50 किमी का सफर तय कर पाटी, चंपावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वाहन चालक हरीश जोशी, सुरेश चंद्र, लीलाधर जोशी, प्रकाश जोशी ने बताया कि सड़क में जगह-जगह पर मलबा और पत्थर आने से सफर जोखिम भरा हो रहा है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ होने से गाड़ियां सड़क पर ही फंस जाती हैं। वाहनों के पट्टे टूट जाते हैं।
कोट
सड़क से मलबा और पत्थर हटाने के लिए जल्द ही जेसीबी भेजी जाएगी। डामरीकरण का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - हितेश कांडपाल, लोनिवि अधिशासी अभियंता, लोहाघाट।