चंपावत। जिला मुख्यालय में गोल्ज्यू कॉरिडोर की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। गोल्ज्यू कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले विभागों को भूमि आवंटन कर दिया गया है।
नगर में गोल्ज्यू कॉरिडोर योजना का निर्माण करीबन 500 करोड़ की लागत से किया जाना है। इसकी प्रक्रिया अब मूर्त रूप लेती नजर आ रही है। काॅरिडोर क्षेत्र में आने वाले लोकनिर्माण विभाग, नगरपालिका और पशुपालन अस्पताल के लिए जगह आवंटित कर दी गई है। जबकि वन विभाग के लिए भूमि देखी जा रही है। कॉरिडोर के तहत 400 मीटर रनिंग ट्रैक, बहुउद्देशीय सभागार, पार्किंग सुविधा, हॉकी फील्ड, बैडमिंटन हॉल के साथ कैफेटेरिया का निर्माण किया जाना है।
इसके अलावा स्टेडियम, श्री गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर, बरातघर का निर्माण किया जाएगा। कॉरिडोर के तहत गोरलचौड़ मैदान सेना का होने के कारण न तो मैदान का सुधार हो पा रहा था और न ही यहां पर बड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन करना आसान था। करीब 15 से अधिक सालों से मामला प्रस्तावों से आगे नहीं बढ़ पाया। सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद सेना को गोरलचौड़ मैदान की जमीन के बदले 77 नाली भूमि लीसा फैक्टरी के पास दी गई है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि गोल्जयू कॉरिडोर के निर्माण की सभी प्रक्रिया पूरी कर काम जल्द कराया जाएगा।
मैदान बनने से युवा प्रतिभाओं में आएगा निखार
गोल्ज्यू कॉरिडोर के तहत स्टेडियम का कायाकल्प होने के बाद युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मैदान मिलेगा। वर्तमान में टनकपुर और लोहाघाट खेल विभाग का मैदान है, लेकिन चंपावत में नहीं। ऐसे में बड़ी प्रतियोगिताओं के आयोजन कराना आसान नहीं होता है। वर्तमान में मैदान की दशा सुधारने के लिए डीएम मनीष कुमार के आदेश के बाद कार्य किया गया, लेकिन अभी भी मैदान में काफी काम किए जाने हैं।