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सड़कों में बने गढ्ढे दे रहे दुर्घटनाओं को दावत

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लोहाघाट-पुलहिंडोला मार्ग में नालियां न होने से सड़क में बने गड्ढों में भरा पानी। - फोटो : LOHAGHAT
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चंपावत/लोहाघाट। जिले में शासन के तमाम दावों के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मोटर मार्गों को गड्ढा मुक्त किया जाना टेड़ी खीर साबित हो रहा है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग के निर्माणाधीन होने के बावजूद टनकपुर से चंपावत के बीच कई स्थानों पर गड्ढे वाहनों के संचालन में दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। राजमार्ग के अलावा अन्य आंतरिक मोटर मार्गों की दशा तो और भी अधिक खराब है। विकासखंड लोहाघाट में पुलहिंडोला, किमतोली-रौंसाल, देवीधुरा, रौंसाल-मटियानी-कायल, बाराकोट- सिमतखेत मोटर मार्गों की हालत बदहाल बनी हुई है। मोटर मार्ग में जगह जगह बने गड्ढे हर वक्त दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। बरसात के समय इन गड्ढों में रपटकर खासकर दोपहिया वाहन चोटिल होते आ रहे हैं। लोगों की ओर से लगातार सड़क पर बने गड्ढों को भरने की मांग उठाई जाती रही है। विभागों की ओर से लोगों की समस्याओं को अनसुना कर सड़कों की हालत सुधारने में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। लोनिवि की किमतोली और किमतोली-रौंसाल, लोहाघाट-देवीधुरा, लोहाघाट-पुलहिंडोला, बाराकोट-सिमलखेत और पीएमजीएसवाई की रौंसाल-मटियानी-कायल मोटर मार्ग की हालत खस्ता बनी हुई है। लोगों ने विभागों पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया है।
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कोट
किमतोली-रौंसाल और लोहाघाट-देवीधुरा मोटर मार्ग में बने गड्ढों को भरने का कार्य किया जा रहा है। बाराकोट-सिमलखेत में पूर्व में गड्ढों का भरान किया गया था। अभी तक गड्ढों के भरान के लिए कोई बजट नहीं आया है। शासन से 30 लाख रुपये की मांग की गई है।
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बीसी भंडारी, ईई, लोनिवि।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंपावत शहर के पास का गड्ढा। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT

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