ओवरलोडिंग पर आंखें मूंदे है पुलिस
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ओवरलोडिंग के चलते जगह-जगह दुर्घटना होने के बावजूद भी वाहन चालक इससे सबक नहीं ले रहे हैं। अप्रैल से अब तक जिले में 18 हादसे हो चुके हैं। जिसमें 8 लोगों की मौत और 41 जख्मी हो चुके हैं। लेकिन हादसे की बड़ी वजह ओवरलोडिंग पर कोई नियंत्रण नहीं है। वाहन में ठूंस-ठूंस कर सवारियां ढोई जा रही हैं। लेकिन इस पर काबू करने में पुलिस नाकाम रही है।
आलम यह है कि वाहन के भीतर सवारियां ठूंसने के बाद छतों व पीछे लटककर लोग सफर कर रहे है। नगर एवं मुख्य राजमार्ग में तो पुलिस हेलमेट विहीन बाइक सवारों और बिना कागजात वाहनों का संचालन करने वालों पर तो कार्यवाही हो रही है। मगर ओवरलोडिंग और ओवर स्पीड की अनदेखी हो रही है। ग्रामीण संपर्क मार्गों में वाहनों में ठूंस कर सवारियां ढोने वाले वाहनों की तरफ से पुलिस ने पीठ फेर रखा है। उधर थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी का कहना है कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।