चंपावत जिला अस्पताल में अभद्रता करने वाले आरोपियों को समझाते पीएमएस और पुलिस कर्मी। स्रोत अस्पत
चंपावत। जिला अस्पताल में मंगलवार की रात इलाज के लिए आए दो लोगों ने नशे की हालत में महिला स्वास्थ्य कर्मियों (मेडिकल ऑफिसर) से अभद्रता कर दी। महिला कर्मियों ने मदद के लिए पीएमएस को फोन कर घटना के बारे में बताया। इस घटना से अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी डरे हुए हैं। महिला स्वास्थ्य कर्मियों को रात के समय अब ड्यूटी करने में डर लग रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मंगलवार रात करीब 9:40 बजे महेश कठायत पेट दर्द का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे। मौके पर तैनात एमओ डॉ. नेहा सिंह, डॉ. वैष्णवी शर्मा और नर्सिंग अधिकारी मंजुला ने उन्हें इन्जेक्शन लगाने की सलाह दी लेकिन मरीज ने इसकी सहमति नहीं दी। ऊपरी तौर पर जांच की तो पता चला कि मरीज नशे की हालत में है। इसके बाद एमओ ने मरीज को टैबलेट देने की सलाह दी लेकिन इमरजेंसी में तैनात सहायक ने संबंधित दवा नहीं होने की बात कही। ऐसे में उन्हें बाहर से दवा लेनी होगी।
आरोप है कि इसके बाद मरीज के साथ आए तीमारदार पूरन सिंह बडोला ने महिला चिकित्साधिकारी और स्टाफ का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। नशे की हालत में महिला चिकित्सकों से अभद्रता भी की गई। इसके बाद चिकित्साधिकारी ने पीएमएस डॉ. एचसी ह्यांकी को कॉल कर घटना की जानकारी दी। अन्य चिकित्सक भी इमरजेंसी कक्ष में पहुंच गए। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस को भी सूचना दी गई।
पहचान बताने में गुमराह करते रहे
मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों से लगातार उनके बारे में पूछताछ की लेकिन दोनों में से किसी ने कुछ नहीं बताया। कभी वे खुद को सेना के जवान होने की बात तो कभी कुछ कहकर गुमराह करते रहे। इसके बाद पीड़ित महिला चिकित्साधिकारियों ने पुलिस को मौके पर ही लिखित तहरीर दी। अभद्रता करने वाले मरीज का इलाज भी चिकित्सकों ने किया।
कोट
तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस एक्ट में कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है। बीएस बिष्ट, कोतवाल, चंपावत