क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा वारदात में तेंदुए ने हिम्मत सिंह की एक गाय, उमेश गड़कोटी के दो बैल और दो आवारा पशुओं को मौत के घाट उतार दिया है। पाटी थाने के पास हिम्मत सिंह की गाय मारने से यहां और दहशत बढ़ गई है।
इस बीच पंतोला, झुडेली, बिसारी, लखनपुर, जौलाड़ी, किमाड़ी, पाटी, रौलामेल, बिंगराकोट, गूम, गरसाड़ी, पूनाकोट, मैरोली आदि गांवों में महिलाओं का जंगल जाना बंद हो गया है। दिन ढलने के साथ ही यहां कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यहां चार तेंदुए सक्रिय हैं। किमाड़ी के ललित मोहन ने हरखोला में दो तेंदुओं को लड़ते हुए देखा, जबकि शेखर पचौली ने भी अन्य स्थान में दो तेंदुओं को देखा।
पशु चिकित्साधिकारी डा.जीएस बिष्ट के अनुसार क्षेत्र में मारे गए पशुओं का पोस्टमार्टम करने पर उनके तेंदुए द्वारा मारे जाने की पुष्टि हुई है। नवीन गहतोड़ी, गंगा राम, भुवन चंद्र, दीपक भट्ट, रविंद्र लडवाल, गोविंद पचौली, नारायण सिंह, मोहन सिंह, श्याम सिंह, गुमान सिंह, नवीन सिंह आदि ग्रामीण जन प्रतिनिधियों ने विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। देवीधुरा के रेंजर बीएस मेहता का कहना है कि मारे गए मवेशियों के पालकों को मुआवजा दिलाने के साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्रतिपालक से पहल की गई है।