चुनाव के बाद सीमा पर आवाजाही सामान्य
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। विधानसभा चुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा खुलने के बाद दोनों देशों के बीच आवाजाही सामान्य हो गई है। बुधवार को 72 घंटे के बाद दोनों देशों के लोग एक-दूसरे से मिले और बाजारों की ओर रुख किया। 15 फरवरी को सुरक्षित मतदान के लिए प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा 12 फरवरी की शाम पांच बजे से 72 घंटे के लिए सील रखी गई थी।
सीमा सील के दौरान दोनों देशों के सीमांत बाजारों की रौनक फीकी रही। टनकपुर सीमा से लगे ब्रह्मदेव बाजार की अधिकतर दुकानें बंद रहीं। सीमांत क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद 15 फरवरी की शाम 5 बजे सीमा खोल दी गई। बृहस्पतिवार सुबह से दोनों देशों के बीच आवाजाही अन्य दिनों की तरह सामान्य हो गई है।
वहीं, नेपाल महाकाली यातायात समिति के अध्यक्ष नवीन भट्ट ने कहा कि सीमा सील होने से पिछले तीन दिनों में यातायात समिति के वाहन स्वामियों को पांच से सात लाख का नुकसान उठाना पड़ा। बनबसा व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल के मुताबिक सीमा सील होने से बनबसा का कारोबार 90 प्रतिशत प्रभावित हुआ। देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी ने बताया कि नेपाली यात्रियों के बनबसा न पहुंचने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को सर्वाधिक नुकसान हुआ।
बनबसा (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा सील होने के दौरान इस सीमा पर कोई भी विदेशी पर्यटक इमिग्रेशन चेकपोस्ट नहीं पहुंचा। पारगमन अधिकारी आरपी टम्टा ने बताया कि वीजा अवधि समाप्त होने पर विदेशी पर्यटकों को सीमा पार कराने का प्रावधान है, इसके लिए एंबेसी और गृहमंत्रालय से विशेष अनुमति ली जाती है। बताया कि बुधवार को सीमा खुलने के बाद देर रात्रि एक विदेशी पर्यटक ने अपना पासपोर्ट और वीजा चेक कराया।