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लंबित देयकों के भुगतान को पचास प्रतिशत धन देगी सरकार

Thu, 11 Feb 2016 10:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
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नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष पालिका की खराब माली हालत को रखते हुए कर्मचारियों के लंबित देयकों के भुगतान के लिए आर्थिक मदद की मांग उठाई।
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इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष शहर की विभिन्न समस्याएं भी रखी। कर्मचारियों के लंबित देयकों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निकायों को लंबित देयकों की पचास प्रतिशत धनराशि देने को तैयार है, बशर्ते पालिकाएं भी अपनी आय के स्रोत बढ़ाकर पचास प्रतिशत धनराशि जुटाए। इसके अलावा तमाम लोगों ने भी समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे।

सूखीढांग के सामाजिक कार्यकर्ता बंशीधर गहतोड़ी ने सूखीढांग-श्यामलाताल रोड का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. चूणामणी के नाम पर रखे जाने और बढ़ोली से मुख्यमार्ग तक लिफ्ट लगाने की मांग उठाई। थ्वालखेड़ा ग्रामसभा के लोगों ने उचौलीगोठ से शारदा चुंगी तक नदी किनारे तटबंध बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष भुवन पांडेय के नेतृत्व में कर्मचारी नेताओं ने परिवहन निगम को पांच सौ नई बसे देने, संविदा, एजेंसी, वाह्यस्र्रोत कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय 15 हजार करने और निगम में नियमित कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने की मांग रखी है।
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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री नीरज सिंह ने परिवहन निगम के टनकपुर मंडल में व्याप्त कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण किए जाने का आग्रह किया है। एसएसबी स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने ज्ञापन सौंप प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को विभिन्न विभागों में समायोजित किए जाने की मांग उठाई है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से नेपाल से भारत को चल रही आधा दर्जन प्राइवेट बसों पर रोक लगाने और बनबसा में नेपाली करेंसी बदलने को मनी एक्सचेंज काउंटर खोलने की मांग की है। साथ ही अवैध बसों के संचालन पर रोक नहीं लगने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन में कहा गया है कि तीर्थाटन के नाम पर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से कुछ नेपाली बस स्वामियों ने परमिट लिया है, लेकिन तीर्थाटन के बजाए इन बसों से प्रतिदिन नेपाल से सवारियों को दिल्ली आदि लाने ले जाने का काम किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड परिवहन निगम के टनकपुर डिपो को खासा घाटा होने के साथ ही बनबसा का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि सीमा पर भारत-नेपाल के बीच व्यापार चलता है और दोनों देशों की करेंसी का लेनदेन किया जाता है, लेकिन नेपाली रुपये को भारतीय रुपये में बदलने पर मोटा कमीशन देना पड़ता है, जिससे व्यापारी और निर्धन वर्ग खासा परेशान है।
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