पहली अप्रैल से शराब की दुकानें राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और राज्य राजमार्ग (एसएच) के इर्दगिर्द नहीं खुल सकेंगी। देश की सर्वोच्च अदालत ने ये आदेश जारी किया है। आबकारी विभाग को दुकानों के लिए नई जगह खोजना चुनौती बन रहा है। फिलहाल एक भी दुकान के लिए जगह की तलाश पूरी नहीं हो सकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों से 500 मीटर के दायरे में 31 मार्च 2017 के बाद से शराब की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। 15 दिसंबर 2016 को दिए फैसले में देश की सर्वोच्च अदालत ने ऐसे रूटों में वर्तमान में चल रहे किसी भी शराब के ठेके के अप्रैल से लाइसेंस के नवीनीकरण न करने के आदेश दिए गए थे।
अदालत के इस आदेश के बाद आबकारी विभाग ने नए वित्त वर्ष से नए स्थान पर शराब की दुकान खोलने की कवायद शुरू कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी दीपाली साह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नई जगहों की तलाश कराई जा रही है। वैसे इस वक्त 16 में से 14 शराब की दुकानें एनएच या एसएच पर हैं। चंपावत, लोहाघाट एवं बनबसा की दो-दो के अलावा टनकपुर, पाटी, देवीधुरा, भिंगराड़ा, चौमेल, सूखीढांग, सिन्याड़ी और किमतोली की एक-एक दुकान इस दायरे में आती हैं। सिर्फ टनकपुर की अंग्रेजी और देसी दुकान नंबर एक ही इस एनएच और एसएच के दायरे से बाहर है।