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Champawat News: वन विभाग के पिंजरों में नहीं फंस रहा तेंदुआ

Thu, 11 Dec 2025 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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बाराकोट के धरगड़ा में तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाते वन कर्मी। स्रोत: वन विभाग
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाॅक के तेंदुआ प्रभावित च्यूरानी के धरगड़ा तोक में ग्रामीण की मौत के बाद लोग दहशत में हैं। शाम होते ही लोग घरों में दुबकने पर मजबूर हैं। तेंदुए के ग्रामीण को मारने के बाद वन विभाग उसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रहा है। बुधवार रात को तेंदुआ पिंजरे रखा शिकार खाकर भागने में सफल रहा था।
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रेंजर आरके जोशी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगी है। तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र में चार पिंजरे, 10 कैमरा ट्रैप और एक ड्रोन कैमरा है। इधर, मंगोली और डेंसली गांवों में भी तेंदुआ दिखने से लोग दहशत में हैं। मंगोली गांव के ग्रामीण राजेंद्र राम, अमर राम, कमल, सीता देवी, निर्मला देवी और आशा देवी ने बताया कि शाम ढलते ही तेंदुआ घरों के आसपास आ रहा है। जिससे बच्चों व महिलाओं में खासा डर है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
बृहस्पतिवार सुबह राजकीय इंटर काॅलेज जानकीधार जाने वाले बच्चों को सड़क पर तेंदुआ दिखने की बात सामने आई हैं। इससे स्कूली बच्चे और अभिभावक दहशत में हैं। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने या क्षेत्र से खदेड़ने की गुहार लगाई है। रेंजर एनडी पांडेय ने बताया कि मंगोली क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं। 10 कैमरा ट्रैप भी स्थापित किए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। डेंसली गांव के लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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तेंदुए के हमले में मारे गए देव सिंह की पत्नी को नौकरी देने की उठाई मांग

लोहाघाट)। बाराकोट ब्लाॅक के च्यूरानी गांव के धरगड़ा तोक में तेंदुए के हमले में मारे गए देव सिंह की पत्नी को नौकरी देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश सिंह बोहरा ने डीएम को ज्ञापन भेजकर नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तेंदुए के हमले में धरगड़ा निवासी देव सिंह पुत्र कल्याण सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। वह जल संस्थान बाराकोट में पीटीसी के पद पर कार्यरत था।
उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। मृतक के पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और दो नाबालिग बच्चे हैं, जिनका अब कोई सहारा नहीं बचा। परिवार के पास अभी केवल एपीएल राशन कार्ड है। जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मृतक की पत्नी को अनुकंपा के आधार पर या तो आयुर्वेदिक अस्पताल ओखलंज या जल संस्थान कार्यालय बाराकोट में नौकरी देने की मांग की। उन्होंने परिवार को बीपीएल राशन कार्ड भी जारी करने की मांग की है।
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