हरेला पर्व बड़ी धूमधाम से बनाया गया। इस दौरान बहिनों ने भाइयों का सिर पूजकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। शासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में हरेला महोत्सव का आयोजन कर सर्वोत्कृष्ट हरेला उगाने वाली महिलाओं को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया।
सिमल्टा में प्रधान भुवनेश्वरी पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित हरेला महोत्सव में मुन्नी पालीवाल के हरेले को प्रथम स्थान के लिए चुना गया। इस मौके पर उमेश पांडेय, राकेश पांडेय, राजेंद्र भट्ट, लीलावती जोशी, मोहन आदि मौजूद रहे। खर्ककार्की ग्राम पंचायत में चंचला कार्की और सिलंगटाक में मुन्नी देवी के हरेले को प्रथम स्थान के लिए चुना गया।
बाराकोट में पम्दा के प्राथमिक विद्यालय में प्रधान भगवान दास की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी हेमा जोशी के संचालन में हरेला कार्यक्रम मनाया गया। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, बीडीओ पूरन सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य भवानी टम्टा ने प्रतिभाग किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पम्दा ग्राम सभा में हरेला प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही 19 प्रतिभागियों को 500-500 रुपये का पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर ललिता अधिकारी, ज्योती जोशी, नवल जोशी, रमेष जोशी, मनमोहन आदि मौजूद थे।
इस दौरान बाराकोट की पूजा कोहली, मउ की कमला देवी, चमरौली की गोपी देवी, पम्दा की निर्मला देवी को ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वालिक में हरेला पर्व का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला बिष्ट, वनरक्षक घनश्याम फुलेरा, प्रधान बिशनी देवी की देखरेख में 39 सेमी हरेला उगाने के लिए शांति देवी को प्रथम स्थान मिला, जबकि कनवाड़ में पार्वती देवी के हरेले को प्रथम स्थान मिला।