पंचेश्वर में प्रस्तावित बांध क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनते पूर्व सीएम कोश्यारी।
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पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने पंचेश्वर में प्रस्तावित बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों का भ्रमण कर प्रभावितों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने पंचेश्वर बांध क्षेत्र के अलावा मडलक, बगोटी, लेटी, जमरसों, डूंगरालेटी गांवों का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले सभी प्रभावितों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से कार्य कर रही है। कहा कि बांध निर्माण से यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पूर्व सीएम ने समस्याओं को मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और प्रधानमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाने का लोगों को भरोसा दिलाया। इस मौके पर विधायक पूरन फर्त्याल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी, जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी, पूर्व विधायक केसी पुनेठा, ब्लाक प्रमुख निर्मल माहरा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हयात सिंह माहरा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मोहित पाठक, नवीन बोहरा, ललित मोहन जोशी, पूर्व बीडीसी सदस्य लक्ष्मी पंत आदि मौजूद थे।
प्रभावितों की अनदेखी पर करेंगे आंदोलन
लोहाघाट। पंचेश्वर आस्था एवं एकता समिति ने बांध प्रभावितों की मांगों को ड्राफ्ट में शामिल करने की मांग को लेकर पूर्व सीएम कोश्यारी को ज्ञापन दिया। कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने पर प्रभावित परिवार बांध का विरोध कर आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने 15 नवंबर तक मांगों और सुझावों को पुनर्वास नीति में शामिल करने की मांग की गई। कहा कि बांध प्रभावितों के विस्थापन स्थल का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। डूब क्षेत्र में आने वाले चंपावत, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा तीन जिलों की प्रभावित भूमि का सर्किल रेट एक समान और जिला मुख्यालय के बराबर होना चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य के विषय में स्पष्ट नीति बनाने, नौनिहालों की शिक्षा के लिए कक्षा 12 तक आवासीय स्कूलों की व्यवस्था, क्षतिपूर्ति में भवन, दुकान और अन्य संपत्ति का मूल्यांकन एनएच दर से चौगुना मुआवजा देने समेत कई मांगे सांसद कोश्यारी के समक्ष रखी।