सरकार की ओर से प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में बदलाव लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके लिए सर्व शिक्षा अभियान और रूम टू रीड संस्था के सहयोग से अगले सत्र में नए प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। इसके तहत पहली कक्षा के बच्चों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
शासन ने पहले देहरादून के 50 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसका प्रयोग किया था, जिसकी सफलता को देखते हुए अब इसे व्यापक रूप दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए चंपावत जिले का चयन किया गया है। जिले में इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का दायित्व डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. अवनीश कुमार शर्मा को सौंपा गया है, जो जिले के 18 अन्य शिक्षकों के साथ देहरादून में विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं। यह मास्टर ट्रेनर 505 स्कूलों के अन्य शिक्षकों को भी ब्लॉक स्तर पर ट्रेनिंग देंगे। ट्रेंड शिक्षकों ने चयनित स्कूलों का भ्रमण कर योजना के क्रियान्वयन का जायजा ले लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत रोजाना पहले पीरियड में शिक्षक पहली कक्षा पर ध्यान देंगे। उन्हें पुस्तकालय से जोड़ने समेत उनमें भाषाई कौशल क्षमता का विकास किया जाएगा। बच्चों की समझ बढ़ाने के लिए निरंतर अभ्यास, रिवीजन कराया जाएगा। पांचवीं कक्षा में पहुंचने तक बच्चा भाषाई कौशलों में परिपक्व हो जाएगा। जिससे शैक्षिक गुणवत्ता में बदलाव की उम्मीद है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बेसिक सत्यनारायण के अनुसार जुलाई से इस प्रोजेक्ट का संचालन स्कूल स्तर पर होगा। डायट के प्राचार्य केसी शाक्य, उप शिक्षाधिकारी मनीष बिष्ट, हरेंद्र साह, अंशुल बिष्ट आदि प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग ले चुके हैं।