चंपावत। सीमांत तल्ला देश की गर्भवतियों के प्रसव अब आधुनिक डिलीवरी केंद्र पर होंगे। मंच एएनएम सेंटर में स्थापित डिलीवरी केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इससे मंच, दुबड़जैनल, गुरुखोली, नीड़, हरम, रमैला, बकोड़ा, सौराई आदि ग्राम पंचायतों की करीब 20 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा। पूर्व में गर्भवतियों को प्रसव के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाता था, लेकिन अब डिलीवरी प्वाइंट के आधुनिक होने के बाद किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।प्रसव की बेहतर सुविधा मिलेगी।
लोगों ने बताया कि धीरे-धीरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। पीएचसी में जहां उन्हें इलाज मिल जाता है तो वहीं एएनएम सेंटर में प्रसव की सुविधा मिल जाती है। लैब में सभी प्रकार की जांचें होने से उन्हें अब चंपावत नहीं जाना पड़ता है। समय पर रिपोर्ट भी मिल जाती है। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। अब डीएम की पहल के बाद डिलीवरी केंद्र को आधुनिक करने का काम किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
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सीमांत तल्लादेश के मंच एएनएम सेंटर के डिलीवरी प्वाइंट को अपग्रेड किया जा रहा है। डीएम मनीष कुमार की पहल के बाद 20 लाख रुपये की राशि विभाग को दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पीएचसी और एएनएम सेंटर अलग-अलग भवनों में संचालित हो रहे हैं। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत।
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सीमांत क्षेत्र होने के चलते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं। ऐसे में मंच में आधुनिक डिलीवरी प्वाइंट बनने से बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। - सुंदर सिंह, प्रधान, दुबड़जैनल।
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पीएचसी मंच पर दर्जनों गांव की करीब 20 हजार आबादी निर्भर है। अब , डिलीवरी प्वाइंट से इलाज मिलना आसान हो जाएगा। - अनिल सिंह, प्रधान, मंच।