बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग में हुआ कीचड़।
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\बारहमासी सड़क चौड़ीकरण का काम करा रही चार कंपनियों में से एक कंपनी शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज नहीं होगी। बारहमासी सड़क कटिंग की सलाहकार कंपनी डाटा टेक्रोसिस सुपरवाइजिंग एजेंसी के टीम लीडर विपुल अग्रवाल ने इस आशय का पत्र राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) खंड के अधिशासी अभियंता को भेजा है। पत्र में बारहमासी सड़क की सेहत के लिए मुकदमा दर्ज नहीं कराने की बात कही गई है। इसके बजाय ठेके के अन्य प्रावधानों का उपयोग कर काम की खामियों को दूर कराने का विकल्प सुझाया गया है। एनएच खंड कंपनी के पत्र पर विचार कर रही है।
एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने 25 मई को पत्र भेज डाटा एजेंसी को खामियों को दूर नहीं करने पर शिवालया कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। मगर मुकदमा दर्ज करने के बजाय डाटा टेक्रोसिस एजेंसी ने शिवालया कंपनी की खामियों को दूर कराने की बात कही है। डाटा एजेंसी के टीम लीडर अग्रवाल ने शिवालया कंपनी को पत्र भेज निर्माण कार्य से संबंधित गड़बड़ियों को दूर करने की हिदायत दी है। उनका कहना है कि इससे काम में अनावश्यक अवरोध नहीं होगा। मगर इसके बावजूद कंपनी हीलाहवाली करेगी, तो आगे जरूरी विधिक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एनएच खंड सभी कंपनियों को अनुबंध के अनुरूप कार्य करने के लिए पिछले साल से अब तक 25 नोटिस जारी कर चुका है। लेकिन फिर भी यहां काम करा रही ज्यादातर कंपनियां अनुबंध का उल्लंघन करती रही हैं।
डाटा टेक्रोसिस एजेंसी ने शिवालया कंपनी को इन खामियों को दूर करने के निर्देश दिए:
1.धूल से बचाव को पानी के छिड़काव की व्यवस्था ठीक नहीं।
2.अमोड़ी व ऐड़ीसेरा में सुपरवाइजर स्टाफ की देखरेख के बगैर बचाव दीवार का निर्माण।
3.काम के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए फ्लैगमैन की व्यवस्था ठीक नहीं होने के साथ पर्याप्त साइन बोर्ड नहीं लगाए गए।
4.अमोड़ी से बेलखेत में कई जगह गड्ढे ।