पूर्णागिरि में बच्चे मुंडन कराते परिजन। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि मेले में बच्चों के मुंडन संस्कार में कुछ नाई उनके पापा की जेब पर उस्तरा चला रहे हैं। इससे कई श्रद्धालुओं में आक्रोश है। कुछ श्रद्धालुओं ने इसकी शिकायत मेला मजिस्ट्रेट से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए मेला मजिस्ट्रेट ने औचक निरीक्षण किया तो शिकायतें सही पाई गईं। मेला मजिस्ट्रेट ने दो श्रद्धालुओं से जबरन ली गई राशि को वापस कराया। साथ ही जिला पंचायत ने ठेकेदार को पत्र भेजकर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने बताया कि मुंडन स्थल पर निरंतर नाई की ओर से अन्य शुल्क और न्योछावर देने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत मिल रही थी। इस पर बुधवार को निरीक्षण किया गया तो बरेली निवासी रानी बहादुरी देवी, मोनू सिंह और राजेश यादव ने बयान दर्ज कराया कि उनसे मुंडन स्थल पर 200 रुपये लिए गए। इसमें 150 रुपये का टोकन, 50 रुपये का प्रसाद, रुमाल दिया और न्योछावर के नाम पर 100 रुपये की मांग की गई।
मौके पर ही न्योछावर के 100-100 रुपये पांच में से दो श्रद्धालुओं को वापस कराए गए। अन्य की ओर से स्वेच्छा से न्यौछावर देने की बात कही गई। इधर, मामले में मेला अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने नाई मुंडन ठेकेदार जितेंद्र सिंह महर निवासी उचौलीगोठ को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर जुर्माने की राशि कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं।