लोहाघाट के एक मेडिकल स्टोर से कंप सिरप के सैंपल लेती औषधि निरीक्षक। स्रोत : सूचना विभाग
टनकपुर (चंपावत)। नगर के एक पेट्रोल पंप पर खड़ी कार में संदिग्ध हालात में सेना की इंटेलिजेंस के हवलदार का शव बरामद हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पिथौरागढ़ रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर सूचना मिली कि कार (यूके 07 डीडब्ल्यू 5121) में एक व्यक्ति काफी देर से अचेत हालत में पड़ा हुआ है। इस पर एसएसआई पूरन सिंह तोमर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार से व्यक्ति को निकाला। उसके पास से मिले आईडी कार्ड से उसकी पहचान सेना के इंटेलिजेंस के हवलदार जय प्रकाश भट्ट (40) पुत्र महानंद भट्ट के रूप में हुई। पुलिस ने उसे उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में विष्णुपुरी काॅलोनी निवासी मृतक की सास उमा पंत और पत्नी के भाई संजय पंत ने बताया कि जय प्रकाश सेना की इंटेलिजेंस में वर्तमान में पंजाब के भटिंडा में तैनात था। वह मूलरूप से रीठा साहिब का रहना वाला है। परिवार में पत्नी पूजा, पुत्र तन्मय भट्ट (12) और पुत्री दिव्यांशी (9) हैं। वर्तमान में उसका परिवार नानकमत्ता (ऊधमसिंह नगर) में रहता है। उन्होंने बताया कि जय प्रकाश सूखीढांग के बनकटिया, श्यामलाताल में स्थित किराये पर दिए मकान को देखने आया था।
परिजनों ने बताया कि जय प्रकाश सप्ताह भर पहले ही 10 दिन के अवकाश पर घर आया था। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे उससे फोन बात हुई तो उसने बताया कि कार का टायर पंक्चर हो गया है, जिसे ठीक कराकर वह आ रहा है। बच्चों को घुमाने ले जाने के लिए तैयार रहने के लिए कहा था। सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
परिवार में सबसे बड़ा था जय प्रकाश
मृतक जय प्रकाश परिवार में चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी दो बहनें सरोज तिवारी और बबीता जोशी की शादी हो चुकी है, छोटा भाई दिनेश भट्ट, मां लक्ष्मी देवी और पिता महानंद भट्ट हैं। जय प्रकाश की मौत की खबर से परिवार में हर कोई सदमे में है। वह भटिंडा से पत्नी और दो बच्चों को साथ लेकर आया था।