देवीधुरा (चंपावत)। यहां चल रहे बग्वाल मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते यहां का रंगमंच दर्शकों से खचाखच है। रविवार को कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण और स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
सुरेश राजन के नेतृत्व में आए कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण के कलाकार प्रदीप टम्टा, आशा, सीमा की प्रस्तुति रानीखेत को राम ढोला, ढम ढमाढम ढम, मैं लागी सुवा घुट घुट बाटुली, घर आजा ओ परदेशी तेरे बगैर मन नी लागो आदि गीतों पर दर्शक अपने स्थानों में थिरकने लगे।
कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाउंनी, राजस्थानी, पंजाबी गीतों की एक से बढ़कर एक शानदार कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। स्थानीय कलाकार पीयूष लमगड़िया, आयुष बिष्ट का माच्छी पकड़ माच्छी पकड़ गीत दर्शकों ने खूब सराहा। इस दौरान मंदिर कमेटी के पीठाचार्य कीर्ति जोशी, एलएस लमगड़िया, खीम सिंह लमगड़िया, भुवन जोशी, रामू लमगड़िया, हरीश चम्याल आदि थे।
पाटी (चंपावत)। संगीत महाविद्यालय पाटी में मल्हार उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अलावा क्षेत्र के संगीत प्रेमियों ने जमकर मल्हार राग में गीतों का गायन किया। संगीत महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राग रागिनियों में श्रोता देर रात तक डूबे रहे।
मुख्य अतिथि रंगकर्मी देव सिंह मौनी ने कार्यक्रमों की शुरुआत की। शिक्षाविद डीएन जोशी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से क्षेत्र में लोगों को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। सरस्वती वंदना से कार्यक्रम को शुरू करते हुए सर्वप्रथम एमसी भट्ट ने राग मियां मल्हार में छाय रही कैसी घटा कारी गाकर लोगों का मन मोह लिया। सागर मौनी ने राग मल्हार में उमड़ घुमड़ घन बरसे और बरखा रुत आई गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
देर शाम तक चले कार्यक्रम में गायकों ने समां बांधे रखा। कार्यक्रम के अंत में संगीत प्रवीण सीएस मौनी ने राग मियां मल्हार में झूमत आये बदरा कारे कारे और बिजरी चमके बरसे मै हरवा गाकर कार्यक्रम का समापन किया। तबले में संगीत के उभरते हुए कलाकार सागर मौनी, सौरभ अवस्थी, केसी भट्ट ने संगत दी।
रवीश पचौली ने संचालन किया। इस दौरान बद्री दत्त पचौली, नवीन पचौली, महेश गहतोड़ी, त्रिलोचन जोशी, एलएम सोराड़ी, दिनेश जोशी, पंकज पचौली, माधवानंद पचौली, देवांशु मौनी, मीना मौनी, प्रेम सिंह अधिकारी, मीना अधिकारी, प्रियांशु भट्ट, पंकज पाटनी आदि थे।