चंपावत में सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अनुज कुमार संगल ने दुष्कर्म के आरोपी पर दोषसिद्ध करते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो साल पुराने दुष्कर्म के मामले में सभी गवाहों को सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद दोषी शंकर लाल को 12 वर्ष कठोर कारावास की सजा और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भोगनी होगी।
ममाले के अनुसार, अगस्त 2024 में पीड़िता ने थाना चंपावत में तहरीर देकर बताया था कि वह जंगल से मवेशी लेकर घर आ रही थी। तभी आरोपी ने उसे पकड़कर उसके साथ दुष्कर्म किया। घर लौट कर इसकी जानकारी उसने अपने पति को दी। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64 (1) भारतीय दंड संहिता 2023 में प्राथमिकी दर्ज की। अभियोजन पक्ष ने आरोपी सिद्ध करने के लिए नौ गवाहों का पेश किया जबकि 29 साक्ष्य प्रस्तुत किए।