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Champawat News: जाते हुए साल का उम्मीदें देने के लिए शुक्रिया

Sat, 30 Dec 2023 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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कोलीढेक झील में लुत्फ उठाते सैलानी। संवाद
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पिथौरागढ़। सरकार ने इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश आने के बाद गुंजी को कैलाश धाम और नेपाल तथा चीन सीमा से सटे गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप विकसित करने का फैसला लिया है। सरकार ने मानसखंड कॉरिडोर में जिले के प्रसिद्ध हाट कालिका मंदिर और पाताल भुवनेश्वर गुफा को विकसित करने का फैसला किया है। सरकार ने 26 जनवरी से पिथौरागढ़ से हिंडन और देहरादून के लिए नियमित हवाई सेवा करने का भी फैसला लिया है।
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गुंजी बनेगा कैलाश धाम

पिथौरागढ़ - पिथौरागढ़ का चीन सीमा से सटा गुंजी गांव कैलाश धाम बनेगा। गुंजी आदि कैलाश और ओम पर्वत का प्रवेश द्वार है। गुंजी में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए गेस्ट हाउस, होटल सहित विभिन्न निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके लिए 75 करोड़ से मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।


वाइब्रेंट विलेज योजना
पिथौरागढ़ - वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चीन और नेपाल सीमा से सटे गांवों को विकसित किया जाएगा। इनमें बालिंग, दर, दुग्तू, गर्ब्यांग, गुंजी, खिमलिंग, हीरा, गुमारी, कुटी, मार्छा, नाबि, रौंकांग, सेला, सीपू, सोबला, तिदांग, अमाली, बडेरा, बिल्जू, बुफूर, मतोली, मिलम, पांछूगूठ, पांछू और रिलकोट गांव शामिल किए गए हैं।
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बेस अस्पताल शुरू होगा

पिथौरागढ़ - पिथौरागढ़ के मेडिकल काॅलेज से संबद्ध बेस अस्पताल के लिए पदों की स्वीकृति मिल गई है। सरकार ने बेस अस्पताल के लिए 923 पदों की स्वीकृति दी है। 200 बेड के बेस अस्पताल का निर्माण कार्य 63 करोड़ की लागत से किया गया है। वर्तमान में 200 बेड के भवन का निर्माण किया जाना है। इसकी कार्यवाही की जा रही है।


मानसखंड कॉरिडोर
पिथौरागढ़ - जिले के प्रमुख दो धार्मिक स्थल हाट कालिका मंदिर और पाताल भुवनेश्वर को मानसखंड कॉरिडोर में शामिल किया गया है। इस योजना के तहत इन प्रसिद्ध स्थलों को विकसित कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ाए जाने की योजना है। इसके तहत यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।


26 से नियमित हवाई सेवा

पिथौरागढ़ - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट से 26 जनवरी से नियमित विमान सेवा शुरू करने की घोषणा की है। वर्तमान में 42 सीटर विमान की लैंडिंग को लेकर कार्यवाही की जा रही है। डीजीसीए की ओर से चार साल का लाइसेंस भी नैनीसैनी एयरपोर्ट को मिल गया है।

चंपावत के खाते में ढेरों उपलब्धियां दे गया 2023
चंपावत - वर्ष 2023 के साल में चंपावत जिले की झोली में कई बड़ी उपलब्धियां रहीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र वाले चंपावत जिले के लिए कई मायनों में यह वर्ष बेहद खास रहा। जिले को आध्यात्मिक पहचान देने वाले पूर्णागिरि के मुख्य मंदिर में दरार को भरने का काम डेढ़ दशक तक लटके रहने के बाद इस साल पूरा होने के अलावा 903 मीटर लंबा पूर्णागिरि रज्जुमार्ग का काम भी शुरू हुआ।

पूर्णागिरि धाम में पहाड़ की दरार बंद
चंपावत - मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर के पास की पहाड़ी में दरारों को भरने (रिस्टोरेशन) का डेढ़ दशक से लटका हुआ काम पूरा हुआ। वर्ष 2008 से इन दरारों को भरने की कवायद की जा रही थी। आखिरकार 395.99 लाख रुपये से विश्व बैंक की निर्माण शाखा ने इस चुनौतीपूर्ण काम को डेढ़ साल में पूर्ण कर मंदिर की सुरक्षा को बेहतर किया।

जिला जेल पर आखिर लगी मुहर
चंपावत - वर्ष 2008 से अटका जिला जेल भवन को लेकर स्थल का चयन हुआ। चंपावत में पूर्व में निर्माणाधीन जिला जेल के गोरलचौड़ मैदान के पास के स्थान को बदला गया। अब 196 कैदियों की क्षमता वाली यह जेल फुंगर में 103 नाली छह मुट्ठी जमीन पर 63.82 करोड़ रुपये से बनेगी।

जिला अस्पताल में आईसीयू शुरू
चंपावत - 349 दिनों तक बंद रहने के बाद चंपावत जिला अस्पताल के आईसीयू (सघन निगरानी इकाई) का इस साल फरवरी से फिर से शुरू हुआ। स्टाफ नर्स, डॉक्टर और अन्य जरूरी सुविधाओं के बाद छह शैयाओं वाले इस आईसीयू को शुरू किया गया। इस साल अब तक 300 से अधिक मरीज इस यूनिट का लाभ ले चुके हैं।

28 टावर से डिजिटल होगा चंपावत जिला
चंपावत - जिले की 313 ग्राम पंचायतों में से 45 में मोबाइल नेटवर्क नहीं हैं। वर्ष 2023 इन गांवों के लिए उम्मीद का साल रहा। पूर्णागिरि धाम, नेपाल सीमा से लगे इलाकों के अलावा दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में 28 मोबाइल टावर लगने शुरू हो गए हैं। इन टावरों के लगने से ये सभी क्षेत्र संचार सुविधा से जुड़ जाएंगे। साथ ही पूरा जिला डिजिटल हो जाएगा।

पर्यटन का नया डेस्टिनेशन कोलीढेक झील
चंपावत - लोहाघाट के पास निर्मित कृत्रिम कोलीढेक झील जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। 30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित इस झील में इस साल से शुरू हुए नौकायन ने पर्यटकों को खूब लुभाया। नौकायन से 35 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। वहीं काली नदी में चूका में हुई राष्ट्रीय स्तर की एंगंलिंग और राफ्टिंग की प्रतियोगिता ने साहसिक पर्यटन को नई जमीन दी है।
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