लोहाघाट (चंपावत)। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों द्वारा डूब क्षेत्र में आने वाली करीब 10.5 हेक्टेयर भूमि का सीमांकन का कार्य पूरा होने के बाद राजस्व, वन, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने झील स्थल का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि, झील निर्माण के लिए भूमि के सीमांकन का जायजा लिया गया।
सोमवार को वन विभाग, राजस्व विभाग, कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने झील स्थल का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने नक्शे के आधार पर बांध के मुख्य केंद्र का भी मिलान किया। राजस्व निरीक्षक चंद्रप्रकाश ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा की गई सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्व विभाग अपने अभिलेखों से मिलान करेगा। उन्होंने बताया कि उसी के आधार पर डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का ब्यौरा तैयार किया जाएगा।
इसमें वन भूमि, वन पंचायत, आरक्षित वन क्षेत्र, नाप भूमि, राज्य सरकार की भूमि नक्शे के आधार पर चिन्हित की जाएगी। उसके बाद अगली कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण में राजस्व विभाग के कानूनगो सदर चंद्र प्रकाश, राजस्व उपनिरीक्षक नवीन लाल वर्मा, सिंचाई विभाग के इशहाक अहमद, अमित विश्वकर्मा, नरेश सिंह राणा, बची सिंह, वन विभाग के सी मठपाल मौजूद थे।