टनकपुर (चंपावत)। लॉकडाउन को लेकर सरकार की नई गाइड लाइन के तहत आठ जून से मां पूर्णागिरि धाम के कपाट भी खुल जाएंगे। कपाट खुलते ही धाम में देवी मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवक जल्द शुरू होगी या नहीं, लेकिन मंदिर समिति और पुजारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए हैं। शनिवार को पुजारियों ने विशेष अभियान चलाकर समूचे धाम क्षेत्र में सफाई की।
इस बार पूर्णागिरि मेला कोरोना के कारण छह दिन बाद ही रद्द कर दिया गया था। अब लॉकडाउन में सरकार की ओर से दी जा रही छूट के बाद आठ जून से धार्मिक स्थलों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन के पास सरकार की गाइड नहीं पहुंची है, लेकिन प्रबंधन धार्मिक स्थलों की प्रबंधन कमेटियों ने धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारियां शुरू कर दी है। मां पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति की पहल पर पुजारियों ने समूचे धाम क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि आठ जून से दर्शन के लिए मां पूर्णागिरि धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे, लेकिन सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप ही दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। उनका मानना है कि कपाट खुलने के बाद देवी मां के दर्शन को श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला चल पड़ेगा।
कैंची धाम मंदिर 30 जून तक बंद रहेगा
भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों को अभी इंतजार करना होगा। मंदिर समिति और जिला प्रशासन की बैठक में मंदिर को 30 जून तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 15 जून को होने वाले मेले पर पहले ही रोक लगा दी गई थी। धाम के प्रबंधक विनोद जोशी ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए मंदिर को 30 जून तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संकट की स्थिति में मंदिर खोलने से वायरस के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इस पर उन्होंने भक्तों से संयम बनाकर घर में सुरक्षित रहकर बाबा का स्मरण करने की अपील की है।