नवरात्र पर फूलों से संजाया गया मां पूर्णागिरि धाम का मुख्य मंदिर और दर्शन करते श्रद्धालु।
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पूर्णागिरि मेले में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम बना हुआ है। शुक्रवार को 24 घंटे में करीब तीस हजार से अधिक भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए। पूर्णागिरि धाम के टुन्यास क्षेत्र की निगालीगाड़ पेयजल लाइन को पांच दिन बाद दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी गई है।
मेला प्रशासन ने शनिवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। टुन्यास क्षेत्र में पांच दिन से कायम पानी का संकट दूर हो गया है। जल संस्थान की ओर से निगालीगाड़ पेयजल योजना की क्षतिग्रस्त लाइन दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी गई है।
इधर मंदिर समिति द्वारा नवरात्रों के लिए मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर के साथ ही कालीमंदिर, भैरव मंदिर आदि स्थलों की फूलों से भव्य सजावट की गई है। समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि फोर्स की कमी को देखते हुए नवरात्रों के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। वहीं समिति के पदाधिकारियों को मुख्य मंदिर में पुलिस फोर्स के साथ दर्शन की व्यवस्था बनाने में लगाया गया हैं।
सीओ और मेला अधिकारी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
शुक्रवार को सीओ नरेश चंद ने भैरव मंदिर तक दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सजगता से जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। मेला अधिकारी भगवत पाटनी ने भी मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीओ ने बताया कि भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने की पुख्ता रणनीति बनाई गई है।