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अब गोरल देव दरबार में लगाई इंसाफ की गुहार

Thu, 31 Mar 2016 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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मंदिर में मांगी सरकार - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। 18 मार्च से जारी उत्तराखंड की सियासी उथल-पुथल की गूंज सड़क से लेकर अदालत और मंदिर तक सुनाई दे रही है। अब इंसाफ के मंदिर गोरल देव दरबार में भी इसकी गुहार लगाई गई। बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के पूर्व दर्जा मंत्री दिनेश सिंह कुंजवाल ने कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ गोरल देव मंदिर में जाकर न्याय की दुआ मांगी।
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इंसाफ के देव गोरल देव मंदिर में मत्था टेक बहुमत की सरकार को साजिश के तहत गिराने वालों को सबक सिखाने की प्रार्थना की। कहा कि इंसाफ का देव ही इस मामले में न्याय करेगा। मंदिर के पुजारी जगेंद्र नाथ ने उन्हें आशीर्वाद दिया। चंपावत का गोरल देव मंदिर इंसाफ के लिए विख्यात है। इसकी दो शाखाएं चितई और घोड़ाघाल में है।

मत्था टेकने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री खजान चंद्र पांडेय, पुष्कर सिंह मेहरा, जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा, रवींद्र सिंह तड़ागी आदि भी साथ थे। प्रदेश में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। राष्ट्रपति शासन के खिलाफ मामला हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है।
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चंपावत। गोरल देव मंदिर में न्याय मांगने के बाद पूर्व दर्जा मंत्री दिनेश कुंजवाल पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने केंद्र सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग कर कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार को बर्खास्त करने का आरोप लगाया। कहा कि हरीश रावत सरकार को गिराने के लिए धनबलियों का इस्तेमाल किया गया है। कहा कि सहयोगी संघवाद (को-ऑपरेटिव फेडरजिल्म) की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणांचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड की निर्वाचित सरकार को गिराकर संघीय ढांचे पर प्रहार किया। केंद्र सरकार द्वारा संविधान की धारा 356 के तहत उठाए गए इस कदम से लोकतंत्र की गरिमा कम हुई है।

चंपावत। 2012 में चंपावत विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हरिप्रिया जोशी ने भी गोरल देव मंदिर से इंसाफ की गुहार लगाई थी। उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं पर भितरघात का आरोप लगाया था। इसे लेकर गोरल देव मंदिर पर फरियाद लगाई थी। दो अन्य राजनीतिक लोगों ने पहले भी इंसाफ के मंदिर की शरण ली थी।
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