शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर नए प्रयोग,घोषणाएं की जा रही हैं, पर गांवों में हकीकत कुछ और है। तल्ली खटोली जूनियर हाईस्कूल इसका एक नमूना है। इस स्कूल में पढ़ाने वाले गुरुजी तो अकेले हैं लेकिन भोजनमाता दो।
जिला मुख्यालय से करीब 49 किलोमीटर दूर तल्ली खटोली जूनियर हाईस्कूल में 77 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वह एकमात्र अध्यापक के सहारे हैं।
शिक्षक आईएल वर्मा काफी समय से अकेले किसी तरह स्कूल चला रहे हैं। छठी से लेकर आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को एक साथ पढ़ने की मजबूरी है। इसका असर पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
अलबत्ता स्कूल में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पुख्ता है। छात्रों के लिए भोजनमाताएं दो हैं। वहीं कई स्कूल ऐसे भी हैं,जहां इससे कम छात्र संख्या पर अधिक अध्यापकों की तैनाती की गई है।