-तीन अन्य धाराओं में तीन साल की सजा और अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के अभियुक्त को 20 साल सश्रम कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीन अन्य धाराओं में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने दो साल बाद पॉक्सो एक्ट के मामले में फैसला सुनाया है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को 20 साल सश्रम कारावास और 50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने पॉक्सो में 50 हजार के अर्थदंड जमा होने पर पीड़िता के बैंक खाते में अदा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा पीड़िता के शारीरिक और मानसिक शोषण क्षति के लिए नियमानुसार उचित प्रतिकर दिलाए जाने के लिए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को संस्तुति की है।
अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास और एक हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 504 के तहत एक वर्ष की साधारण सजा, एक हजार अर्थदंड और धारा 506 के तहत एक वर्ष की सजा, एक हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनों धाराओं में एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
2022 का है मामला
चंपावत। मामला मार्च 2022 का है जब अभियुक्त ने पीड़िता अपनी भतीजी को किराये के कमरे में बुलाकर कुछ दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियुक्त ने इसकी जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इस दौरान अभियुक्त ने पीड़िता के साथ मारपीट भी की। एक दिन किसी तरह पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और वहां से निकली। उसने ताऊ के कृत्य की जानकारी अपनी मामी को दी। इसके बाद मामा और दादा ने थाने में अभियुक्त के खिलाफ पॉक्सो में रिपोर्ट लिखाई।