टनकपुर (चंपावत)। रोडवेज डिपो टनकपुर एक दशक पहले पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवा उपलब्ध कराता था। अब पहाड़ में अन्य डिपो खुलने और यातायात के अन्य साधन होने से टनकपुर से पहाड़ के मात्र चार रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। एआरएम महेंद्र कुमार ने बताया कि रोडवेज डिपो को 30 बसों की जरूरत है। नई बसें मिलने पर सभी रूटों पर यातायात सुविधा बेहतर हो सकेगी। पंचायत चुनाव के लिए अब तक डिपो से बसें नहीं मांगी गई हैं। सावन के चलते हरिद्वार रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है।
रोडवेज एआरएम कुमार ने बताया कि वर्तमान में डिपो के पास मानक के अनुरूप 116 बसों का बेड़ा है। पहाड़ के बेरीनाग, नैनीताल, गणाई गैरसैंण, धारचूला के लिए कुल चार बसें संचालित हो रही हैं। शेष सभी बसें मैदानी रूटों पर चल रही हैं। शुक्रवार को डिपो से 64 बसों को रवाना किया गया। हरिद्वार रूट पर सामान्य दिनों में हरिद्वार होकर शिमला, चंडीगढ़, अमृतसर, देहरादून के लिए एक-एक और हरिद्वार के लिए दो बसों का संचालन होता है, लेकिन कांवड़ के चलते शिमला तीन, चंडीगढ़ दो, देहरादून दो, अमृतसर के लिए एक बस का संचालन हो रहा है। निकट भविष्य में नई बसें मिलने की उम्मीद है।
एक दशक में पहाड़ के अनेक रूटों पर संचालन बंद
रोडवेज के टनकपुर डिपो के कनिष्ठ केंद्र प्रभारी खीम राम आर्य ने बताया कि वह तीन दशक से रोडवेज में कार्यरत हैं। एक दशक पहले तक डीडीहाट-बरेली, डीडीहाट, नैनीताल-भीमताल, बेरीनाग, झूलाघाट, नाचनी, भागीचौरा, रीठा साहिब आदि रूटों पर बसों का संचालन होता था। पहाड़ के प्रवेश द्वार टनकपुर से रोडवेज की बसें यातायात की प्रमुख भूमिका निभाती रही हैं। अब मात्र चार रूटों पर ही संचालन हो रहा है। नई बसें डिपो को मिलने पर उनका संचालन किया जा सकता है। इससे पहाड़ के यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिल सकेगी।