टनकपुर-चंपावत के बीच कई जगहों पर भारी मलबा आने से रविवार को टनकपुर-चंपावत मार्ग बंद रहा। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पर्वतीय मार्ग पर जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर से लौटा दिया।
मार्ग खुलने की उम्मीद में यात्री कई घंटे प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन लगातार बारिश होने से मार्ग नहीं खुला। कई यात्री वाया हल्द्वानी होते हुए पिथौरागढ़-चंपावत को गए।
तड़के शुरू हुई बारिश फिर आफत लेकर बरसी। कई जगह जलभराव की समस्या होने के साथ ही पर्वतीय मार्ग पर जा रहे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। धौन और स्वाला के पास काफी मात्रा में मलबा आने से सड़क सुबह से बंद रही।
कुछ देर बाद टनकपुर और सूखीढांग के बीच भी कई जगहों पर मलबा आने से वाहन सूखीढांग से वाया डांडा-रीठा साहिब होते हुए भी चंपावत और पिथौरागढ़ को नहीं जा पाए।
कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि टनकपुर और सूखीढांग के बीच भी मार्ग में कई स्थानों पर लगातार मलबा गिर रहा है, जिसे देखते हुए वाहनों को ककरालीगेट में रोक कर वापस लौटाना पड़ा।
एसएससी जीडी की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी भी फंसे
टनकपुर-चंपावत मार्ग बंद होने से एसएससी जीडी की परीक्षा देने पिथौरागढ़ जा रहे कई अभ्यर्थी भी फंसे रहे। बाद में वे टनकपुर से वाया हल्द्वानी पिथौरागढ़ रवाना हुए। परीक्षा देने जा रहे युवक-युवतियों ने बताया कि परीक्षा 20 अगस्त को है। टनकपुर-चंपावत मार्ग बदहाल होने से अब उन्हें वाया हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है।
मजबूरी का फायदा उठा मनमाना किराया ले रहे टैक्सी चालक
मार्ग बंद होने से टैक्स चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। पुलिस के ककरालीगेट बैरियर पर वाहनों को रोकने से पहले सूखीढांग से वाया डांडा-रीठा साहिब होते हुए चंपावत गए एक यात्री ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि वाया डांडा-रीठा साहिब होते हुए चंपावत का किराया टैक्सी चालक ने एक हजार रुपये लिए है, जबकि वाया डांडा-रीठा साहिब चंपावत की दूरी 156 किमी. है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टैक्सी चालक किस तरह यात्रियों की जेब काट रहे हैं। ब्यूरो
मलबा आने से टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग भी हुआ बंद
टकपुर (चंपावत)। रविवार को मूसलाधार बारिश से दोपहर बाद टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग भी बंद हो गया, जो शाम करीब छह बजे खुल गया। पर्वतीय क्षेत्र की बारिश से किरोड़ा नाला उफान पर आ गया। वहीं बाटनागाड़ नाले के उफान से सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से पट गया है और आवाजाही ठप हो गई है।
लोनिवि ने बाटनागाड़ में मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेज दी है, लेकिन खबर लिखे जानेे तक सड़क नहीं खुल सकी थी। दोपहर करीब बस्तिया और सूखीढांग के पर्वतीय क्षेत्र में हुई बारिश से रविवार दोपहर करीब सवा तीन बजे अचानक किरोड़ा नाला उफान पर आ गया, जिससे पूर्णागिरि मार्ग के गांवों का सड़क संपर्क कट गया। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि मलबा हटाकर सड़क खोलने के लिए जेसीबी मौके पर भेज दी है।
टनकपुर-चंपावत मार्ग बंद होने से टनकपुर बस स्टेशन में मार्ग खुलने की प्रतीक्षा करते एसएससी जीडी क?- फोटो : TANAKPUR