अब टनकपुर की 108 सेवा पर भी लगे ब्रेक
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आपात चिकित्सा सेवा 108 वर्षों तक संकटमोचक बनी रही, पर बीते कुछ महीनों से ये सेवा चरमराने लगी है। इमरजेंसी में जरूरतमंदों को इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिले की दो आपात सेवा इस वक्त ऑफ रूट हैं। चंपावत की सेवा रात में, तो टनकपुर की सेवा पर मंगलवार से बंद है।
टनकपुर की आपात चिकित्सा सेवा 108 मंगलवार से बंद है। तकनीकी खामी के चलते वाहन नहीं चल पा रहे हैं। अमोड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बोहरा ने बताया कि मंगलवार सुबह 108 सेवा को खटोली से कॉल किया गया था, लेकिन टनकपुर की आपात सेवा रास्ते में ही खराब हो गई। बाद में ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा की 108 सेवा से मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं चंपावत नगर की आपात सेवा 3 अक्तूबर से रात के वक्त संचालित नहीं हो रही है। ये सेवा इस वक्त सुबह 8 बजे से मात्र 12 घंटे तक संचालित हो पा रही है। अलबत्ता जिले की तीन अन्य सेवाएं श्रीरीठा साहिब, पाटी और लोहाघाट फिलहाल काम कर रही है।
जिले की पांच आपात चिकित्सा सेवा 108 में से तीन ठीक हाल में है। चंपावत का वाहन स्टैपनी टायर की कमी की वजह से रात को नहीं चल पा रही है, जबकि टनकपुर की 108 सेवा मंगलवार को ब्रेकडाउन हो गई थी। क्लिच प्लेट सहित कुछ तकनीकी गड़बड़ी है। जिसे दुरुस्त कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार तक टनकपुर की सेवा के सुचारु होने की संभावना है। -अमित धारीवाल, जिला समन्वयक, आपात चिकित्सा सेवा 108 चंपावत।
सीएम का एलान भी हकीकत से दूर
चंपावत। जिले में तीन स्थानों पर आपात चिकित्सा सेवा 108 की मांग होती रही। इन मांगों पर तो कुछ नहीं हुआ। लेकिन स्वयं मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा इस साल जनवरी में क्षेत्रीय दौरे में बाराकोट में 108 सेवा की सौगात देने की घोषणा की गई थी। पर यह सेवा दस माह बाद भी शुरू नहीं हो सकी। सीएमओ डा.डीएल साह का कहना है कि बाराकोट की 108 सेवा के लिए पत्र भेजा गया है। इसके अलावा नेपाल सीमा से लगे तामली और एनएच के बीच में अमोड़ी पर 108 सेवा की क्षेत्रीय नागरिक मांग करते रहे हैं। ये इलाके इलाज की सुविधा से कटे हुए हैं। और अधिक दूरी की वजह से वक्त पर मदद नहीं मिलने से कई बार ग्रामीणों को जान गंवाना पड़ता है।