लोहाघाट (चंपावत)। लंबे संघर्ष के बाद यहां पीपीपी मोड में संचालित हो रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पीपीपी मोड की व्यवस्था समाप्त हो गई हैं। सीएचसी को पीपीपी मोड से हटाने की मांग को लेकर व्यापार संघ के नेतृत्व में लोगों ने 70 दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। इसके चलते शासन ने 18 अक्तूबर को सीएचसी को पीपीपी मोड से हटाने के आदेश जारी किए थे।
पूर्व में दी गईं संपत्तियां पीपीपी मोड के प्रबंधक शिव श्रीवास्तव ने बुधवार को समिति को सौंप दी हैं। इसके बाद एसीएमओ डॉ. केसी ठाकुर के नेतृत्व में गठित समिति ने सरकारी व्यवस्था के तहत सारी व्यवस्थाएं अपने हाथ में लेकर कार्य शुरू कर दिया है। शील नर्सिंग होम के स्थानीय प्रबंधक शिव श्रीवास्तव का कहना है कि उनके द्वारा हस्तांतरण समिति को सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं। पीपीपी मोड के तहत कार्य कर रहे डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की सभी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं। बुधवार को सरकारी व्यवस्था के तहत सीएचसी में रोगियों का उपचार किया गया।
वर्तमान में सरकारी व्यवस्था के तहत सीएमएस डॉ. मंजीत सिंह और डॉ. राजेंद्र बोहरा मरीजों का उपचार कर रहे हैं। पीपीपी मोड से अस्पताल हटाने के बाद यहां डाक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की भारी समस्या पैदा गई है। अस्पताल प्रबंधन ने सीएचसी में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनात की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इस मौके पर हस्तांतरण समिति के एसीएमओ डॉ.ठाकुर सहित डॉ.आरपी खंडूरी, एलडी जोशी, मनोज कुमार, नवीन ओली मौजूद थे।
फिलहाल विभाग ने नहीं दी है एनओसी
सीएमओ डॉ.डीएल साह का कहना है कि सीएचसी लोहाघाट में पांच डाक्टरों तथा 10 पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। शीघ्र ही सभी लोग कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल पीपीपी मोड के प्रबंधक को विभाग की ओर से एनओसी नहीं दी गई है।
समायोजन को लेकर दूसरे दिन भी दिया धरना
सीएचसी से पीपीपी मोड की व्यवस्था समाप्त होने के बाद यहां कार्य कर रहे कर्मियों ने समायोजन की मांग को लेकर दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सीएचसी से पीपीपी मोड की व्यवस्था समाप्त होने के बाद उनके सामने परिवार के भरण पोषण की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इस मौके पर प्रकाश जोशी, मनोज जोशी, संजय कुमार, संजीव कुमार, महेश जोशी, जगदीश जोशी, राहुल कुमार, संदीप कुमार, अनिता टम्टा, विनीता, लक्ष्मी आदि मौजूद थे।