चंपावत जिले के खरही में स्थित शिव मंदिर।
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चंपावत। जिले के पाटी ब्लॉक की दूरस्थ ग्राम पंचायत खरही में एक दिनी बैजनाथ महोत्सव 29 नवंबर को होगा। आयोजन समिति की ओर से बैजनाथ महोत्सव की तैयारी को लेकर बैठक की गई, जिसमें सफल आयोजन के लिए समितियों का गठन किया गया। महोत्सव का शुभारंभ प्रधान सुनीता बोहरा करेंगी। इसके बाद पारंपरिक तरीके से भगवान शिव का पूजन कर खरही के नाखुड़ा से शिव, पार्वती और गणेश की झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद मल्ली खरही में 29 नवंबर की सुबह से रात्रि लगभग एक बजे तक रात्रि जागरण और पूजा पाठ किया जाएगा। मल्ली खरही से शिव, पार्वती और गणेश का देव डोला मध्य रात्रि में लगभग 15 किमी की खड़ी चढ़ाई और घने जंगल का सफर तय कर 30 नवंबर को सूर्योदय के साथ लधौनधूरा शिव मंदिर पहुंचेगा। जहां सूर्योदय की पहली किरण के साथ मंदिर परिक्रमा कर शिव शक्ति का पूजन किया जाएगा। उसके बाद शिव, पार्वती और गणेश के डोलों की वापसी खरही के ईजर गांव के लिए होगी। जहां अगले एक वर्ष तक युवा पुजारी बाला दत्त शर्मा शिव डोले की नित्य पूजा करेंगे।
इन गांवों की पौराणिक धरोहर है डोला यात्रा
चंपावत। बैजनाथ महोत्सव लधियाघाटी और पालबिलौन क्षेत्र की बिरगुल, गोली, चौड़ाख्याली, सीम, बुंगाख्याली, जाजर, उफेड़ा ख्याली, महर पिनाना, खरही, तलाड़ी, बालातड़ी, भिंगराड़ा, सकदेना, टाक बल्वाड़ी, वैला, दयोकुड़ा, पचनई, ईजर, बैजगांव, नाखुड़ा, तल्ली खटोली, वैला, मल्ली खटोली, नंदोला, बुड़ाखेत, रीठासाहिब, ओखलढुंगा, मिरतोला, पाली, घुरचुम आदि ग्राम पंचायतों की पौराणिक धरोहर है। संवाद