चंपावत। सड़क नहीं होने की तकलीफ मंगलवार को सरकारी मशीनरी ने भी भुगती। दरअसल एक बीएलओ के घायल होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए छह किमी के संकरे और खतरनाक रास्ते को पार करने में आईटीबीपी जवानों को ढाई घंटे लग गए। इस दौरान तहसीलदार भी मौजूद रहीं। चोटिल महिला को बगेड़ी से 26 किमी दूर सड़क से लाने के बाद मंगलवार शाम को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
हेडिंगा निवासी एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पार्वती जोशी (36) पत्नी पीतांबर जोशी नौ नवंबर को घर से गिरकर चोटिल हो गईं।
पर्वती अमौन की बीएलओ भी हैं। चोट लगने से वह मतदाताओं के नामों का संशोधन करने के लिए नहीं पहुंच सकीं। इसकी जानकारी होने पर तहसीलदार ज्योति धपवाल ने 15 नवंबर को गांव जाकर डीएम विनीत तोमर को जानकारी दी। डीएम ने आईटीबीपी और पुलिस बल को मौके पर भेजा। शाम 4.50 बजे पार्वती जोशी को स्ट्रेचर से आईटीबीपी, पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीम सड़क तक पहुंचाया गया। बगेड़ी से आपात सेवा 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया।
राहत दल में शामिल अधिकारी-कर्मी
आईटीबीपी के निरीक्षक ए जोगा बंता, एएसआई प्रताप राम, हवलदार सुभाष चंद्र, रोहित मेहरा, नीरज बसेड़ा, धर्म सिंह, राजेंद्र सिंह, विकास कुमार, जेके यादव, अग्निशमन के लीडिंग फायरमैन बालमुकुंद राणा, भैरव सिंह, चंचल सिंह, गोविंद पनेरू, प्रमोद कुमार, होमगार्ड जवान नवीन चंद्र, मनोज कुमार, राजस्व उप निरीक्षक मोहित मेहता, नीरज कुमार, मोहन भट्ट, चिकित्सक डॉ. योगेश जोशी, फार्मासिस्ट गौरव जोशी, नीरज पचौली।