लोहाघाट में अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते एसएसबी के प्रशिक्षित गुरिल्ले।
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लोहाघाट (चंपावत)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के प्रशिक्षित गुरिल्लेे तीन सूत्री मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं। गुरिल्लों ने एसडीएम कार्यालय के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया।
एसएसबी स्वयंसेवक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष ललित मोहन बगौली के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इसमें गुरिल्लों को वन विभाग के तहत चल रही कैंपा परियोजना में रखने, युवा गुरिल्लों को नौकरी देने, बुजुर्ग गुरिल्लों को एक मुश्त राशि या पेंशन देने की मांग की। ललित का कहना था कि वर्ष 2011 में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसएसबी स्वयंसेवकों को स्टेट इको टास्क फोर्स बनाकर और कैंपा योजना के तहत रोजगार देने का निर्णय लिया गया था। कई बार इको टास्क फोर्स बनाने के लिए भी शासन की ओर से कार्रवाई हुई, लेकिन वनाधिकारियों की सुस्ती के कारण टास्क फोर्स बनाने का कार्य नहीं हो पाया। जिलाध्यक्ष बगौली ने कहा कि केंद्र सरकार ने कैंपा योजना के तहत राज्य को धन आवंटित कर दिया है। इसमें चौकीदार और अन्य स्तरों पर नियुक्तियां होनी हैं। उन्होंने कहा कि कैंपा योजना में गुरिल्लों को वरीयता दी जाए। कहा अंतिम सांस तक सभी गुरिल्ले अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते रहेंगे। ज्ञापन देने वालों में अमर राम, प्रकाश चौधरी, हिला देवी, बलवंत सिंह, मंजू गुप्ता, जगदीश आदि रहे।