बनबसा बार्डर पर चलता एकीकृत जांच चौकी भूमि चयन सर्वे।
- फोटो : प्रतीकात्मक
बनबसा बार्डर पर भारत सरकार की ओर से बनने वाली एकीकृत जांच चौकी को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। शुक्रवार को भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (एलपीएआई) ने सर्वे शुरू कर दिया है। नेपाल के कंचनपुर जिले के बनबसा से सटे ग्राम चांदनी दोधारा में निर्माणाधीन नेपाली सूखा बंदरगाह (ड्राइपोर्ट) से भारत-नेपाल के बीच भविष्य में होने वाले व्यापार और आवागमन की जांच को एकीकृत जांच चौकी का निर्माण किया जाना है। इसके लिए रेलवे की कंसल्टेंट कंपनी राइट्स के अभिंयता मोहम्मद ताहिर की देखरेख में पांच सदस्यीय टीम ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है।
भारत-नेपाल के बीच होने वाले वैधानिक व्यापार और आवागमन को लेकर सीमा पर एकीकृत चेकपोस्ट का निर्माण किया जाना है। इसके लिए शुक्रवार से भारत नेपाल-पिलर संख्या सात के निकट नोमेंस लैंड के पास सर्वे टीम ने जांच चौकी के लिए सर्वे शुरू कर दिया। भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (एलपीएआई) के द्वारा होने वाले सर्वे के बाद यहां एकीकृत जांच चौकी का निर्माण कराया जाएगा।
बता दें कि एकीकृत जांच चौकी में भारतीय कस्टम, इमीग्रेशन चेक पोस्ट, भारत सरकार के कृषि विभाग की क्वारनटाइन जांच चौकी, एसएसबी और राज्य पुलिस द्वारा संयुक्त चेकिंग का प्रावधान है। बीते दिवस बृहस्पतिवार की देर शाम सर्वे टीम यहां पहुंची और शुक्रवार से टीम के सदस्यों ने एकीकृत जांच चौकी के लिए भूमि चयन को लेकर सर्वे शुरू कर दिया। बताया गया कि सर्वे टीम जांच चौकी को लेकर करीब 30 हेक्टेयर भूमि का चयन करेगी।
ग्रामीणों के विरोध के बाद बदला गया सर्वे क्षेत्र
एकीकृत जांच चौकी का निर्माण नेपाल के चांदनी दोधारा के निकट भारतीय ग्राम मेलाघाट के निकट पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के बनबसा दक्षिणी कक्ष संख्या सात के आरक्षित वन क्षेत्र में किया जाना था, लेकिन तीन दिन पूर्व वन महौलिया ग्रामवासियों ने अपनी भूमि चौकी में जाने के भय से सर्वे कार्य का विरोध किया। सर्वे दल के अभियंता मो. ताहिर ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एलपीएआई को रिपोर्ट दे दी है। बताया कि ग्रामीणों ने सर्वे टीम के उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया था।
विभागों को मिलेगी राहत
बनबसा सीमा पर एकीकृत जांच चौकी की स्थापना से भारतीय कस्टम विभाग, इमिग्रेशन चेक पोस्ट, क्वारनटाइन विभाग और एसएसबी को राहत मिलेगी। इन विभागों की यहां पहले से ही जांच चौकियां स्थापित हैं।