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फिदायीन हमले से गुस्से में हैं मुस्लमान

Sun, 10 Jan 2016 10:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
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पठानकोट एयरबेस समेत देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते जा रहे फिदायीन हमलों में पाकिस्तान की भूमिका से यहां के मुस्लिम समाज में जबर्दस्त गुस्सा है। उनका कहना है कि भारत सरकार को पाकिस्तान को करारा जवाब देना चाहिए। मोदी सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद उन्होंने पाकिस्तान को सबक सिखाने की नई शुरुआत की गई थी, जिससे सेना का भी मनोबल बढ़ा था। वैसेे कई दूसरे लोगों का सोचना है कि युद्ध से बचते हुए भारत को पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देनी चाहिए। इस संबंध में अमर उजाला द्वारा जागरूक मुसलमानों से वार्ता की गई।
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हरकतों से बाज नहीं आएगा पाक
फल-फूल की ठेकेदारी और रूई के कारोबारी अफजाल अहमद का कहना है कि अब बहुत हो चुका है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है। पाक सीधी जंग में भारत से कभी नहीं जीत सकता। इसलिए उसने फिदाइन तरीका अख्तियार किया है।

जेहादी नहीं फसादी है फिदायीन
जूता कारोबारी जावेद यार खान का कहना है कि फिदाइनों का कोई मजहब नहीं होता है। ये जेहादी नहीं फसादी हैं। प्रधानमंत्री ने नेक नियति से जो दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया था, वह उन्हें मंजूर नहीं है। जंग समस्या का हल नहीं होता है, इससे बेगुनाह मारे जाते हैं। हिंदुस्तान को उसके पूर्व स्वरूप में लाए जाने पर सारे फसाद समाप्त हो जाएंगे।
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ईंट का जवाब पत्थर से दे भारत
वक्फ बोर्ड के जिला सदर बाबा हसमत हुसैन का कहना है कि सांप किसी का दोस्त नहीं होता है। सरकार को ईंट का जवाब पत्थर से देेना चाहिए। फिदाइन हमला करने वालों एवं आतंक फैलाने वालों को तत्काल मौत के घाट उतार दिया जाना चाहिए। जब देश रहेगा तो तभी हम भी रहेंगे।

पाक की भाषा में जवाब दे
मस्जिद मदीना के नायब सदर करीम खान का कहना है कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। फिदाइन हमलों में बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं। पाकिस्तान सीधे मुंह बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसा माहौल पैदा करे, जिससे पाकिस्तान अपनी सरजमीं में फिदाइनों को पालने-पोसने का काम बंद कर सके।
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