चंपावत। राजकीय डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम सेमेस्टर में सीट बढ़ाने और नए विषयों को खोलने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं का आंदोलन गति पकड़ रहा है। अब तक गेट पर तालाबंदी कर रहे आंदोलनकारियों ने शनिवार से कॉलेज की संपूर्ण बंदी का एलान किया है।
छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित कार्की का कहना है कि प्रथम सेमेस्टर में सीटों की संख्या में दस प्रतिशत बढ़ोत्तरी, स्नातक स्तर पर संस्कृत, शिक्षाशास्त्र विषय और पीजी में हिंदी, समाज शास्त्र और इतिहास विषय को मंजूरी दिया जाना जरूरी है। आंदोलन में उपाध्यक्ष रविशंकर, महासचिव प्रेम जोशी, कैलाशनाथ गोस्वामी, आशीष गिरि, विनोद बोहरा, अंकित खर्कवाल आदि शामिल थे।
चंपावत-लोहाघाट कॉलेज को बनाएं
चंपावत। कुमाऊं विश्वविद्यालय से अलग कर इस साल जून में बने अल्मोड़ा विश्वविद्यालय में हुई चंपावत जिले की अनदेखी से आहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के सम्मुख नाराजगी जताई है। इसे लेकर शुक्रवार को उन्होंने भगत को ज्ञापन सौंपा।
कहा कि अल्मोड़ा विश्वविद्यालय में पिथौरागढ़, बागेश्वर को कैंपस का दर्जा दिया गया है, जबकि चंपावत को इससे वंचित रखा गया है। इससे जिले के सात कॉलेजों के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से संबंधित मामूली काम के लिए भी अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ेगी। जो न केवल अनावश्यक रूप से परेशान करने वाली है, बल्कि बेहद खर्चीली भी है। इससे बचने के लिए विद्यार्थियों ने चंपावत और लोहाघाट पीजी कॉलेज को संयुक्त रूप से कैंपस का दर्जा देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में विद्यार्थी परिषद के नेता मुकेश जोशी, कमल, तनुजा, सुमन, पवन, मनोज, सरिता आदि शामिल थे। प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत से वार्ता करने के बाद मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है।