लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय पीजी कॉलेज लोहाघाट में लोक अध्ययन केंद्र और कॅरिअर काउंसलिंग प्रकोष्ठ की ओर से ऐपण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें 25 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
प्राचार्या प्रो. संगीता गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उत्तराखंड की लोक कलाएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं। युवाओं को इनके संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यशाला में अल्मोड़ा से आई मुख्य अतिथि ऐपण कलाकार मीरा जोशी ने ऐपण कला की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। विशिष्ट अतिथि हेमलता वर्मा, लोक अध्ययन केंद्र की संयोजक डॉ. ममता बिष्ट ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
कॅरिअर काउंसलिंग प्रकोष्ठ की ओर से डा. अर्चना त्रिपाठी,डाॅ. उमा कांडपाल ने कहा कि लोक कलाओं में स्वरोजगार और रचनात्मकता की अपार संभावनाएं हैं। संचालन डाॅ. सुमन पांडेय ने किया। इस मौके पर लोक अध्ययन केंद्र समिति की सदस्य डा. कमलेश शक्टा ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस दौरान प्रो. अपराजिता, डाॅ. लता कैडा, डाॅ. रेखा जोशी, डाॅ. सोनाली कार्तिक, डाॅ. स्वाति कांडपाल, डाॅ. रवि सनवाल सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।