वर्ष 2014 में खुले देवीधुरा महाविद्यालय में इस वर्ष पहली बार छात्र संघ चुनाव होंगे। छात्रसंघ की कमान किसे सौंपी जाए इसका फैसला छात्राएं करेंगी। दरअसल 164 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेज में 80 प्रतिशत संख्या केवल छात्राओं की है। छात्रसंघ के विभिन्न पदों में उम्मीदवारों की संख्या में भी छात्राएं आगे हैं।
इनमें विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नीरज लमगड़िया, छात्रा उपाध्यक्षा यमुना बिष्ट, कोषाध्यक्ष शीला, संयुक्त सचिव सुमन आर्या का निर्विरोध परिणाम होना तय है। इसके अलावा अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की दीपा बिष्ट और निर्दलीय भावना कांडपाल, उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की दीपा चम्याल और निर्दलीय तारा पुजारी, महासचिव पद पर एनएसयूआई की देवकी बिष्ट तथा निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति जोशी के बीच कड़ा मुकाबला है। वर्ष 2014 में शासनादेश आने के बाद यहां कक्षाएं तो संचालित होने लगी, लेकिन उनका संचालन जिला पंचायत के विश्रामगृह में किया जा रहा है।
जिला पंचायत सभागार के दो हिस्से करके बीए प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय की कक्षाएं संचालित की जाती है। कालेज प्रशासन ने बताया कि महाविद्यालय के भवन को बनने में तकरीबन अभी एक साल का समय और लगेगा। तब तक महाविद्यालय पूर्ववत जिला पंचायत के भवन से ही संचालित होगा।
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प्रोफेसरों के छह पदों में तीन गेस्ट टीचर
प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसके सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में संस्कृत के प्रोफेसर न होने के कारण छात्र-छात्राओं को अपने रोचक विषय छोड़कर दूसरे विषयों को मजबूरी में लेना पड़ रहा है। आलम यह है कि संस्कृत विषय में जहां छात्रों की संख्या 48 थी, प्रोफेसर ना होने की वजह से वह अब मात्र 30 ही रह गई है। महाविद्यालय में वर्तमान में प्रोफेसरों के 6 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से तीन में गेस्ट टीचर तैनात हैं।
गैदरिंग में उठाई कॉलेज की समस्याएं
छात्रसंघ चुनाव के लिए अमित लमगड़िया के संचालन में बुधवार को एक गैदरिंग सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उम्मीदवारों ने छात्र-छात्राओं से खुद को चुने जाने की अपील की और महाविद्यालय की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया।