पिथौरागढ़/चंपावत। चार सूत्री मांगों के लिए राजस्व कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था लड़खड़ा गई है। युवाओं के प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। तहसील कार्यालय और राजस्व चौकी काम को जाने वाले लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ में राजस्व निरीक्षक और राजस्व उपनिरीक्षक सेवक संघ के कर्मचारी कलक्ट्रेट अधिसूचित धरना स्थल कलक्ट्रेट रामलीला मैदान में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि वह पिछले 15 दिनों से आंदोलन में कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। वहां सूर्य प्रकाश पांडेय, पंकज नेगी, शंकर दत्त कापड़ी, प्रकाश जोशी, प्रकाश कापड़ी, गणेश देउपा आदि थे।
चंपावत में संगठन के जिलाध्यक्ष पुष्कर नाथ गोस्वामी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार किया गया। इनमें तहसील क्षेत्र अध्यक्ष राजीव माहरा, विजय सिंह भंडारी, हीराबल्लभ जोशी, हरीश राम टम्टा, जीवंती कलौनी, रेखा चौधरी आदि रहे। लोहाघाट में महेंद्र सिंह चौड़िया, एनडी जोशी, कुसुम गोस्वामी, उषा राय, प्रियंका पांडेय, राजेंद्र नाथ गोस्वामी आदि ने विरोध जताया।
येे हैं मांगें
राजस्व कर्मचारियों ने सरकार से कानूनगो के पदों को एकीकृत नहीं करने, समान कार्य समान वेतन देने, 16वें बैच के राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण और राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों के पुनर्गठन करने और संवर्गीय कर्मियों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ वर्ष 2006 से देने की मांग की है।