स्नानघाट की जलधारा रोकने से श्रद्धालु परेशान
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शारदा की धारा को सुरक्षित चैनलाइज करने को एनएचपीसी द्वारा शारदा स्नानघाट की जलधारा रोकने से स्नान के लिए आ रहे पूर्णागिरि के श्रद्धालु खासे परेशान हैं। स्नानघाट से नदी की मुख्य धारा इतनी दूर हो गई है कि वहां जाकर स्नान करना श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित नहीं है। अलबत्ता एनएचपीसी प्रशासन का कहना है कि कार्य के चलते जलधारा रोकी गई है, काम पूरा होने के बाद घाट की ओर जलधारा खोल दी जाएगी।
नदी के बीच में बने रेत के पठार की ऊंचाई बैराज के लेबल में आ गई है, जिससे बरसात में कटाव का खतरा पैदा हो सकता है। इस खतरे से निपटने के लिए बैराज से लेकर शारदा स्नानघाट तक एनएचपीसी द्वारा रेत के इस पठार को मशीनों से काट कर नदी की मुख्यधारा को चैनलाइज किया जा रहा है। मंगलवार को एनएचपीसी ने स्नानघाट की ओर की जलधारा को रोक दिया, जिससे घाट में स्नान के लायक भी नहीं रह गया है।
ऐसे में मां पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्नान की परेशानी पैदा हो गई है। शारदा चुंगी वार्ड की सभासद जया देवी का कहना है कि स्नानघाट की जलधारा रोकने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घाट से नदी की मुख्यधारा घाट से करीब एक किमी दूर है, जहां जाकर स्नान करना श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित नहीं है। इधर, एनएचपीसी के प्रबंधक (बैराज) जय प्रकाश का कहना है कि नदी के बीच में रेत के पठार बन गया है। ऐसे में बरसात में नदी के उफान पर आने से टनकपुर छोर के तटबंध की ओर कटाव का खतरा रहेगा, जिसे रोकने के लिए रेत के पठार को काटकर नदी की मुख्यधारा को चैनलाइज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्नानघाट के सामने नदी के बीच यह कार्य शुरू होने से स्नानघाट के ओर की जलधारा को रोका गया है। काम पूरा होने के बाद उसे खोल दिया जाएगा।
विश्राम टीनशेड में आवारा पशुओं के घूमने से श्रद्धालु परेशान
शारदा स्नान घाट पर आवारा पशुओं के घूमने से मां पूर्णागिरि के दर्शन को आ रहे श्रद्धालुओं का खासी परेशानी हो रही है। घाट पर बने यात्री विश्राम टीनशेड में घूमते पशुओं की समस्या से न तो प्रशासन और न ही नगर पालिका को चिंता है। बता दें कि मां पूर्णागिरि और बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के पहले श्रद्धालु शारदा घाट पर डुबकी लगाते हैं। तीन साल पहले आपदा की भेंट चढ़ चुके स्नानघाट का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए घाट में एक अदद विश्राम की सुविधा है, लेकिन उसमें विश्राम करते यात्रियों को वहां घूमते आवारा पशुओं के सुरक्षा की चिंता रहती है।